पहरेदार के दरवाजे पर ही बालू का अवैध कारोबार, खनन
पदाधिकारी ने कहा सीओ भी सक्षम पदाधिकारी है ।
(नदियों से बालू का अवैध कारोबार पुलिस और स्थानीय पदाधिकारीयों की कमाई का जरिया)
आदित्यपुर (ए के मि़श्रा): जिले में बालू के अवैध खनन का खेल नहीं थम रहा है। पुलिस और पदाधिकारी की नाक के नीचे यह कारोबार लंबे समय से फलफूल रहा है। फिर भी खनन विभाग के अधिकारी व पुलिस पदाधिकारी अनजान बने रहते हैं। बालू माफिया चतुराई के साथ पहले रात के अंधेरे में बालू का अवैध खनन करते थे अब दिन के उजाले में अवैध खनन कर बालू ले जाने वाले ट्रैक्टर व ट्रॉलियों गम्हरिया प्रखण्ड कार्यालय में ही तस्वीरें लगातार सामने आते रहे हैं। परंतु खनन विभाग के अधिकारी व पुलिस कार्रवाई करने से कतराते हैं। खनन विभाग के पदाधिकारी का कहना है कि सीओ भी अवैध खनन पर रोक में सक्षम पदाधिकारी है ।
बताया जा रहा है कि नदियों से बालू का अवैध कारोबार पुलिस और स्थानीय पदाधिकारीयों की कमाई का जरिया बन चुका है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस प्रति ट्रैक्टर प्रति माह दो हजार रुपये की वसूली करती है। ट्रैक्टरो को बालू उठाव करने की खुली छूट है। बालू के अवैध खनन का मामला मेरे संज्ञान में आया है। जल्द ही इस कारोबार में संलिप्त लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की अश्वासन उच्च पदाधिकारी द्वारा दी जाती है ।
