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कोयलांचल

  • पटमदा : बोड़ाम प्रखंड के मिर्जाडीह में तालाव अतिक्रमण मुक्त के लिए आंदोलन तेज…
    पटमदा : बोड़ाम प्रखंड के मिर्जाडीह में तालाव अतिक्रमण मुक्त के लिए आंदोलन तेज…

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    पटमदा : बोड़ाम प्रखंड के मिर्जाडीह में तालाव अतिक्रमण मुक्त के लिए आंदोलन तेज…

    दीपक नाग… ✍️

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    # मिर्जाडीह में तालाब बचाने की मांग पर उग्र हुआ आंदोलनकार्रवाई के बजाय भराई का आरोप, मानवाधिकार संघ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठा

    कहते हैं भ्रष्टाचार तब तक पनप नहीं सकता है जब तक वहां के राज तंत्र और सरकारी तंत्र इसे होने नहीं देतें हैं। और जब पुरा व्यवस्था तंत्र ही अपने नीति – सिद्धांतों को ताक में रख दें तो भ्रष्टाचार की कहानी निडर होकर गुनाह के महासागर मे गोता लगाते हैं। ऐसी ही एक स्थिति पूर्वी सिंहभूम जिले के अंतर बोड़ाम प्रखंड अंतर्गत मिर्जाडीह गांव का सामने आया है।

    बोड़ाम प्रखंड अंतर्गत मिर्जाडीह गांव में तालाब एवं सार्वजनिक रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर झारखंड मानवाधिकार संघ ने सोमवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। संघ के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जिस तालाब को बचाने और अतिक्रमण हटाने के लिए एक माह पूर्व उपायुक्त से शिकायत की गई थी, उसी तालाब को प्रशासन की कथित मिलीभगत से मिट्टी भरकर खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। 

    संघ के कोल्हान प्रमंडल प्रभारी राधाकृष्ण सिंह मुंडा ने बताया कि 5 मई 2026 को उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम को आवेदन देकर मिर्जाडीह गांव स्थित तालाब एवं सार्वजनिक रास्ते से अतिक्रमण हटाने की मांग की गई थी। उपायुक्त के निर्देश पर अपर उपायुक्त द्वारा बोड़ाम अंचल कार्यालय को नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश भी दिया गया था। लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमण हटाने के बजाय तालाब को मिट्टी से भरने का कार्य शुरू कर दिया गया है। 

    पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सोमवार को जब झारखंड मानवाधिकार संघ के 10-12 कार्यकर्ता तालाब स्थल पहुंचे, तो वहां जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर की मदद से मिट्टी भराई का कार्य चल र आ था। 

    ग्रामीणों ने झारखंड मानवाधिकार संघ के लोगों को बताया कि, यह कार्य पिछले करीब एक सप्ताह से चल रहा है। राधाकृष्ण सिंह मुंडा ने आरोप लगाया कि, जब जिला प्रशासन से कार्रवाई का निर्देश बोड़ाम अंचल कार्यालय को मिल चुका था, तब भी तालाब भराई जारी रहना प्रशासनिक संलिप्तता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में तालाबों एवं जलस्रोतों को अतिक्रमण मुक्त कर पुनर्जीवित करने की बातें करते है पर, स्थानीय प्रशासन उनके बातों को दरकिनार करते हुए भू-माफियाओं को संरक्षण दे रहें हैं।

    संघ के के द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी को जो आवेदन सौंपा गया है उसके अनुसार, मिर्जाडीह मौजा के खाता संख्या 38 स्थित इस तालाब एवं सार्वजनिक रास्ते पर आनंद विहार पी एंड डेवलपर प्रा. लि. के संचालक सी. एल. अग्रवाल द्वारा पिछले 17-18 वर्षों से कथित अतिक्रमण किया गया है। ग्रामीण वर्षों से इस तालाब का उपयोग स्नान एवं मवेशियों को पानी पिलाने के लिए करते रहे हैं।धरना स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब तक तालाब एवं रास्ते को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया जाता है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। 

    मौके पर पहुंचे बोड़ाम थाना के पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए एक जेसीबी मशीन और एक ट्रैक्टर को जब्त कर लिया। 

    धरना कार्यक्रम में मुख्य रूप से झारखंड मानवाधिकार संघ के कोल्हान प्रभारी राधाकृष्ण सिंह मुंडा, आदिवासी भूमिज मुंडा युवा एकता मंच के अध्यक्ष अमर सिंह सरदार, सह कोषाध्यक्ष राधेश्याम सिंह सरदार, भक्तरंजन भूमिज, चंद्रमोहन सिंह, कालीराम सिंह, निरोदा सिंह, महावीर हांसदा, शंभू सिंह, गोविन सिंह मुंडा, भजहरि सिंह एवं किंकर सिंह समेत कई ग्रामीण मौजूद थें।

    बहरहाल, खबरों के अनुसार कोल्हान के झारखंड मानवाधिकार संघ के प्रतिनिधि मंडल इस मामले को लेकर झारखंड राज्य भू-राजस्व मंत्री दीपक कुमार बिरुआ के सामक्ष रखेंगे और उन्हें अपने स्तर से तैकीका करने का गुहार लगाएंगे।

कोल्हान

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    पटमदा : बोड़ाम प्रखंड के मिर्जाडीह में तालाव अतिक्रमण मुक्त के लिए आंदोलन तेज…

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    पटमदा : बोड़ाम प्रखंड के मिर्जाडीह में तालाव अतिक्रमण मुक्त के लिए आंदोलन तेज…

    दीपक नाग… ✍️

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    # मिर्जाडीह में तालाब बचाने की मांग पर उग्र हुआ आंदोलनकार्रवाई के बजाय भराई का आरोप, मानवाधिकार संघ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठा

    कहते हैं भ्रष्टाचार तब तक पनप नहीं सकता है जब तक वहां के राज तंत्र और सरकारी तंत्र इसे होने नहीं देतें हैं। और जब पुरा व्यवस्था तंत्र ही अपने नीति – सिद्धांतों को ताक में रख दें तो भ्रष्टाचार की कहानी निडर होकर गुनाह के महासागर मे गोता लगाते हैं। ऐसी ही एक स्थिति पूर्वी सिंहभूम जिले के अंतर बोड़ाम प्रखंड अंतर्गत मिर्जाडीह गांव का सामने आया है।

    बोड़ाम प्रखंड अंतर्गत मिर्जाडीह गांव में तालाब एवं सार्वजनिक रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर झारखंड मानवाधिकार संघ ने सोमवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। संघ के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जिस तालाब को बचाने और अतिक्रमण हटाने के लिए एक माह पूर्व उपायुक्त से शिकायत की गई थी, उसी तालाब को प्रशासन की कथित मिलीभगत से मिट्टी भरकर खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। 

    संघ के कोल्हान प्रमंडल प्रभारी राधाकृष्ण सिंह मुंडा ने बताया कि 5 मई 2026 को उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम को आवेदन देकर मिर्जाडीह गांव स्थित तालाब एवं सार्वजनिक रास्ते से अतिक्रमण हटाने की मांग की गई थी। उपायुक्त के निर्देश पर अपर उपायुक्त द्वारा बोड़ाम अंचल कार्यालय को नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश भी दिया गया था। लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमण हटाने के बजाय तालाब को मिट्टी से भरने का कार्य शुरू कर दिया गया है। 

    पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सोमवार को जब झारखंड मानवाधिकार संघ के 10-12 कार्यकर्ता तालाब स्थल पहुंचे, तो वहां जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर की मदद से मिट्टी भराई का कार्य चल र आ था। 

    ग्रामीणों ने झारखंड मानवाधिकार संघ के लोगों को बताया कि, यह कार्य पिछले करीब एक सप्ताह से चल रहा है। राधाकृष्ण सिंह मुंडा ने आरोप लगाया कि, जब जिला प्रशासन से कार्रवाई का निर्देश बोड़ाम अंचल कार्यालय को मिल चुका था, तब भी तालाब भराई जारी रहना प्रशासनिक संलिप्तता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में तालाबों एवं जलस्रोतों को अतिक्रमण मुक्त कर पुनर्जीवित करने की बातें करते है पर, स्थानीय प्रशासन उनके बातों को दरकिनार करते हुए भू-माफियाओं को संरक्षण दे रहें हैं।

    संघ के के द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी को जो आवेदन सौंपा गया है उसके अनुसार, मिर्जाडीह मौजा के खाता संख्या 38 स्थित इस तालाब एवं सार्वजनिक रास्ते पर आनंद विहार पी एंड डेवलपर प्रा. लि. के संचालक सी. एल. अग्रवाल द्वारा पिछले 17-18 वर्षों से कथित अतिक्रमण किया गया है। ग्रामीण वर्षों से इस तालाब का उपयोग स्नान एवं मवेशियों को पानी पिलाने के लिए करते रहे हैं।धरना स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब तक तालाब एवं रास्ते को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया जाता है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। 

    मौके पर पहुंचे बोड़ाम थाना के पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए एक जेसीबी मशीन और एक ट्रैक्टर को जब्त कर लिया। 

    धरना कार्यक्रम में मुख्य रूप से झारखंड मानवाधिकार संघ के कोल्हान प्रभारी राधाकृष्ण सिंह मुंडा, आदिवासी भूमिज मुंडा युवा एकता मंच के अध्यक्ष अमर सिंह सरदार, सह कोषाध्यक्ष राधेश्याम सिंह सरदार, भक्तरंजन भूमिज, चंद्रमोहन सिंह, कालीराम सिंह, निरोदा सिंह, महावीर हांसदा, शंभू सिंह, गोविन सिंह मुंडा, भजहरि सिंह एवं किंकर सिंह समेत कई ग्रामीण मौजूद थें।

    बहरहाल, खबरों के अनुसार कोल्हान के झारखंड मानवाधिकार संघ के प्रतिनिधि मंडल इस मामले को लेकर झारखंड राज्य भू-राजस्व मंत्री दीपक कुमार बिरुआ के सामक्ष रखेंगे और उन्हें अपने स्तर से तैकीका करने का गुहार लगाएंगे।

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