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कोयलांचल

  • डुमुरिया ; विश्व आदिवासी दिवस पर सांस्कृतिक पहचान बचाने का आह्वान
    डुमुरिया ; विश्व आदिवासी दिवस पर सांस्कृतिक पहचान बचाने का आह्वान

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    डुमुरिया : विश्व आदिवासी दिवस पर सांस्कृतिक पहचान बचाने का आह्वान

    रिपोर्ट : प्रभाकर कुमार 

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    झोराडीह, 9 अगस्त, : विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को ऑल इंडिया सरना धर्म चेमेद आसड़ा झोराडीह के तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित कर आदिवासी समाज की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक पहचान को बचाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में आदिवासी समाज के लोगों ने पारंपरिक रीति.रिवाजए पूजा.पद्धति और संस्कृति को संरक्षित रखने का संकल्प लिया।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया सरना धर्म चेमेद आसड़ा की अध्यक्ष हीरामुनी मुर्मू ने कहा कि आदिवासियों की प्राकृतिक पहचान धीरे.धीरे लुप्त होने के कगार पर है। इस डिजिटल युग में लोग तेजी से आधुनिक जीवनशैली की ओर बढ़ रहे हैंए जिसके कारण पारंपरिक तौर.तरीके और संस्कृति पीछे छूटती जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले गांवों में आदिवासी समाज अपनी परंपराओं के अनुसार चावल तैयार करता थाए खाना पकाता था तथा लकड़ी आदि के पारंपरिक साधनों का उपयोग करता था। विवाह समारोह में भी पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ नृत्य किया जाता था। आज इन परंपराओं का स्थान आधुनिक साधनों ने ले लिया है।

    उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान केवल पहनावे या भाषा तक सीमित नहीं हैए बल्कि उसकी जड़ें प्रकृतिए परंपराओंए पूजा.पद्धति और सामुदायिक जीवन में हैं। इसलिए नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना जरूरी है।

    कार्यक्रम में सचिव कान्हु राम टुडू ने भी आदिवासी समाज के पूजा स्थलों के संरक्षण पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कई गांवों में आदिवासियों के पारंपरिक पूजा स्थलए जैसे जाहेरगाड़ए धीरे.धीरे लुप्त होने की स्थिति में हैं। इन पूजा स्थलों से आदिवासी समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक पूजा.पद्धति और नियमों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए समाज के सभी लोगों को मिलकर प्रयास करना चाहिए।

    वक्ताओं ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल एक दिन उत्सव मनाने का अवसर नहींए बल्कि अपनी भाषाए संस्कृतिए परंपराए पूजा स्थल और प्राकृतिक जीवन.पद्धति को बचाने का संकल्प लेने का दिन है। कार्यक्रम में आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने पर बल दिया गया। इस अवसर पर मुख्यरूप से बुढ़ान सरेन, निड़ो मुनी मुर्मू, उकिल मुर्मू, सुकेन हांसदा, जगेश्वर सरेन, भानुमती मुर्मू सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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कोल्हान

  • पोटका : प्राकृतिक आपदा से पीड़ित बुजुर्ग दंपत्ति से मिले पी एल वी मुआवजा दिलवाने का भरोसा दिया …
    पोटका : प्राकृतिक आपदा से पीड़ित बुजुर्ग दंपत्ति से मिले पी एल वी मुआवजा दिलवाने का भरोसा दिया …

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    प्राकृतिक आपदा से पीड़ित बुजुर्ग दंपत्ति से मिले पी एल वी मुआवजा दिलवाने का भरोसा दिया …

     

    अभिजीत सेन।

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    जमशेदपुर/ पोटका 

     

    डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी के निर्देश पर आपदा के शिकार रामेश्वर भकत पिता स्व बिपिन भकत गांव शंकरदा के घर पहुंचे डालसा के पी एल वी पीड़ित को प्राकृतिक आपदा प्रबंधन विभाग से मुआवजा दिलवाने का भरोसा दिया शंकरदा पंचायत अंतर्गत शंकरदा गांव के एक बुजुर्ग दंपत्ति रामेश्वर भकत का घर बारिश के कारण कल शाम जमीदोज हो गया है जिसकी सूचना बुजुर्ग के द्वारा डालसा के पी एल वी चयन कुमार मंडल को दी गई एवं मदद का गुहार लगाया गया।सूचना पा कर डालसा के पी एल वी प्राकृतिक आपदा के शिकार पीड़ित के घर पहुंच कर उसके घर के स्थिति को देखे पीड़ित से मिली। जानकारी के अनुसार लगभग तीस हजार रुपए की हानि होने का अनुमान है।

    बुजुर्ग को मुआवजा दिलवाने के लिए उसके टूटे हुए घर का एक फोटो,आधार का छाया प्रति,बैंक पासबुक का छाया प्रति ले कर पी एल वी चयन कुमार मंडल से संपर्क करने के लिए कहा गया ताकि पीड़ित के नाम से एक आवेदन के साथ जांच रिपोर्ट का फॉर्म भर कर स्थानीय मुखिया का अनुशंसा के साथ अंचल अधिकारी कार्यालय पोटका में जल्द से जल्द जमा किया जा सके।इस आपदा की सूचना क्षेत्रीय कर्मचारी शांति राम षाडंगी को दे दी गई है।मौके पर आपदा पीड़ित के साथ डालसा के पी एल वी चयन कुमार मंडल,छाकु माझी,मीरा मंडल उपस्थित थे।

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संथाल

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स्वास्थ्य

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