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मुसाबनी : मुसाबनी कंपनी तालाब के सौंदर्यीकरण व विकास को लेकर पर्यटन मंत्री को सौंपा ज्ञापन जाम नालियों और गंदगी पर एक्शन मोड में मेयर, जगन्नाथपुर में जल्द चलेगा सफाई अभियान पोटका के हल्दीपोखर, गंगाडीह एवं अन्य जगहों पर मुस्लिम समुदाय ने बकरीद पर्व धूमधाम से मनाया। विशेष सुबह की नमाज अदा करने बाद एक दूसरे को गले लगाते हुए दी, शुभकामनाएं। सस्ती दवा हर घर तक पहुंचाना प्रधानमंत्री का सपना” आदित्यपुर में जन औषधि केंद्र का उद्घाटन कर बोले अर्जुन मुंडा उद्घाटन के डेढ़ महीने बाद ही जन सहभागी विकास केंद्र द्वारा संचालित वात्सल्य बालिका गृह से दो नाबालिग फरार, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

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कोयलांचल

  • मुसाबनी : मुसाबनी कंपनी तालाब के सौंदर्यीकरण व विकास को लेकर पर्यटन मंत्री को सौंपा ज्ञापन
    मुसाबनी : मुसाबनी कंपनी तालाब के सौंदर्यीकरण व विकास को लेकर पर्यटन मंत्री को सौंपा ज्ञापन

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    मुसाबनी : मुसाबनी कंपनी तालाब के सौंदर्यीकरण व विकास को लेकर पर्यटन मंत्री को सौंपा ज्ञापन

    ✒️…दीपक नाग (जा. न्युज ब्यूरो प्रमुख)

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    # अंग्रेजी शासकों के द्कावारा बसाया गया कम्पनी तालाब का अस्तित्व तो खत्म पर ले ही हो गई थी, अब तो पहना बच जाए तो कोई बात हो ?

    # मुसाबनी से एचसीएल/आईसीसी मुसाबनी की भुमिका खत्म होते ही कम्पनी तालाब के रखरखाव पर प्रश्न लगा !

    # पर्यटन मंत्री ने, पूर्वी सिंहभूम उपायुक्त से मांगा मुसाबनी कंपनी तालाब के संबंध में जानकारी

    मुसाबनी  : एचसीएल/आईसीसी मुसाबनी ग्रुप आफ माइंस के छः तांबें की खदानों पर 1998 के पश्चात एक-के-बाद-एक खदानों पर ताला लगना आरंभ होता गया। तब यह स्पष्ट समझ में आ रहा था कि, पुरे मूसाबनी में पेयजल के साथ साथ रोजमर्रा के ज़िन्दगी में स्तेमाल होने वाली जल संकट गहराएगा‌। क्यों कि एचसीएल/आईसीसी मुसाबनी ग्रुप के कंपनी प्रबंधन के द्वारा चार दीवारी से घिरा लगभग छत्तीस एकड़ क्षेत्र तीनों प्रहर कंपनी के सिक्युरिटी द्वारा सुरक्षित रखा जाता था, क्यों कि, पुरे क्षेत्र को पेयजल आपूर्ति के लिए अंदर ही “वाटर ट्रीटमेंट प्लांट” हुआ करता था। एचसीएल/आईसीसी मुसाबनी ग्रुप आफ माइंस का दाईत्व समाप्त होते ही इस तालाब में ग्रहण लगना आरंभ हो गया। धोबनी पहाड़ी परिवेश के पठारी क्षेत्र में बसा सौंदर्य का यह हमेशा से केंद्र रहा है। समय के अंतराल में सपने टुटते गये और सब कुछ बिखरता गया। 

    स्थानिक पत्रकारों के समुह ने कुछ वर्ष पहले इसके अस्तित्व की रक्षा करने के लिए एक कमेटी बनाया और इनका कोशिश रहा कि, बचाखुचा अस्तित्व भी समाप्त न हो जाए। जाहिर है कमेटी के द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समक्ष इस तालाब की जिर्णोद्धार के लिए के लिए प्रस्ताव भी रखा होगा पर परिणाम संतोष जनक हुआ होता तो आज कमेटी वाले को झारखंड के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू तक ज्ञापन सौंपना न होता ।

    मुसाबनी स्थित ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण कंपनी तालाब के जीर्णोद्धार एवं समग्र विकास को लेकर ताम्र नगरी सुरक्षा समिति की ओर से पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को गुरुवार को समिति के संगठन मंत्री राजा कर्मकार के नेतृत्व् मे ज्ञापन सौंपा गया। समिति के महासचिव गणेश प्रसाद, सलाहकार मुरारी प्रसाद सिंह, मृत्युंजय सिंह, जुबेर सिद्दीकी, प्रतिनिधियों ने कंपनी तालाब के सौंदर्यीकरण, पर्यटन विकास एवं स्थानीय लोगों के लिए आधुनिक सुविधाओं की मांग उठाई। प्रतिनिधियों ने बताया कि उपचुनाव का समय आपने कंपनी तालाब का निरीक्षण किया था और कहा था कि तालाब का पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा ।

    ज्ञापन में बताया गया कि लगभग 36 एकड़ में फैला कंपनी तालाब मुसाबनी क्षेत्र का प्रमुख जलाशय है, लेकिन वर्तमान में इसकी स्थिति काफी जर्जर हो चुकी है। तालाब के आसपास मूलभूत सुविधाओं का अभाव है तथा सुरक्षा संबंधी समस्याएं भी बनी हुई हैं। समिति ने मांग की कि तालाब की सफाई, चारदीवारी, घास व कचरे की निकासी, वॉकिंग ट्रैक निर्माण, बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, बोटिंग सुविधा, सोलर स्ट्रीट लाइट, पिकनिक स्पॉट एवं सामुदायिक भवन का निर्माण कराया जाए।

    समिति ने कहा कि यदि कंपनी तालाब का समुचित विकास किया जाता है तो यह क्षेत्र पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे तथा मुसाबनी क्षेत्र को एक स्वच्छ, सुंदर एवं आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सके, 

    पर्यटन मंत्री ने कहा कि वे सोमेश् सोरेन के चुनाव के वक्त कंपनी तालाब को देखे है, और उनका पूरा प्रयास रहेगा कि जल्द इसका समग्र विकास हो, इसे लेकर उन्होंने अपने सचिव को निर्देश दिया कि जमशेदपुर उपायुक्त के माध्यम से कंपनी तालाब की वस्तु स्थिति की जनकारी मंगवाकर आगे की करवाई की जाए।

    जाहिर है, मन में चाहत और नियत में सच्चाई हो तो कोई भी कार्य असंभव नहीं होता है। बहरहाल, मुसाबनी कंपनी तालाब का  भाग्य झारखंड राज्य के पर्यटन मंत्री के टेबुल में है। देखना है कि, कंपनी तालाब का दिन फिरेंगे या वैसे ही बैरन हाथ लगेगा ।

कोल्हान

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    # अंग्रेजी शासकों के द्कावारा बसाया गया कम्पनी तालाब का अस्तित्व तो खत्म पर ले ही हो गई थी, अब तो पहना बच जाए तो कोई बात हो ?

    # मुसाबनी से एचसीएल/आईसीसी मुसाबनी की भुमिका खत्म होते ही कम्पनी तालाब के रखरखाव पर प्रश्न लगा !

    # पर्यटन मंत्री ने, पूर्वी सिंहभूम उपायुक्त से मांगा मुसाबनी कंपनी तालाब के संबंध में जानकारी

    मुसाबनी  : एचसीएल/आईसीसी मुसाबनी ग्रुप आफ माइंस के छः तांबें की खदानों पर 1998 के पश्चात एक-के-बाद-एक खदानों पर ताला लगना आरंभ होता गया। तब यह स्पष्ट समझ में आ रहा था कि, पुरे मूसाबनी में पेयजल के साथ साथ रोजमर्रा के ज़िन्दगी में स्तेमाल होने वाली जल संकट गहराएगा‌। क्यों कि एचसीएल/आईसीसी मुसाबनी ग्रुप के कंपनी प्रबंधन के द्वारा चार दीवारी से घिरा लगभग छत्तीस एकड़ क्षेत्र तीनों प्रहर कंपनी के सिक्युरिटी द्वारा सुरक्षित रखा जाता था, क्यों कि, पुरे क्षेत्र को पेयजल आपूर्ति के लिए अंदर ही “वाटर ट्रीटमेंट प्लांट” हुआ करता था। एचसीएल/आईसीसी मुसाबनी ग्रुप आफ माइंस का दाईत्व समाप्त होते ही इस तालाब में ग्रहण लगना आरंभ हो गया। धोबनी पहाड़ी परिवेश के पठारी क्षेत्र में बसा सौंदर्य का यह हमेशा से केंद्र रहा है। समय के अंतराल में सपने टुटते गये और सब कुछ बिखरता गया। 

    स्थानिक पत्रकारों के समुह ने कुछ वर्ष पहले इसके अस्तित्व की रक्षा करने के लिए एक कमेटी बनाया और इनका कोशिश रहा कि, बचाखुचा अस्तित्व भी समाप्त न हो जाए। जाहिर है कमेटी के द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समक्ष इस तालाब की जिर्णोद्धार के लिए के लिए प्रस्ताव भी रखा होगा पर परिणाम संतोष जनक हुआ होता तो आज कमेटी वाले को झारखंड के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू तक ज्ञापन सौंपना न होता ।

    मुसाबनी स्थित ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण कंपनी तालाब के जीर्णोद्धार एवं समग्र विकास को लेकर ताम्र नगरी सुरक्षा समिति की ओर से पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को गुरुवार को समिति के संगठन मंत्री राजा कर्मकार के नेतृत्व् मे ज्ञापन सौंपा गया। समिति के महासचिव गणेश प्रसाद, सलाहकार मुरारी प्रसाद सिंह, मृत्युंजय सिंह, जुबेर सिद्दीकी, प्रतिनिधियों ने कंपनी तालाब के सौंदर्यीकरण, पर्यटन विकास एवं स्थानीय लोगों के लिए आधुनिक सुविधाओं की मांग उठाई। प्रतिनिधियों ने बताया कि उपचुनाव का समय आपने कंपनी तालाब का निरीक्षण किया था और कहा था कि तालाब का पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा ।

    ज्ञापन में बताया गया कि लगभग 36 एकड़ में फैला कंपनी तालाब मुसाबनी क्षेत्र का प्रमुख जलाशय है, लेकिन वर्तमान में इसकी स्थिति काफी जर्जर हो चुकी है। तालाब के आसपास मूलभूत सुविधाओं का अभाव है तथा सुरक्षा संबंधी समस्याएं भी बनी हुई हैं। समिति ने मांग की कि तालाब की सफाई, चारदीवारी, घास व कचरे की निकासी, वॉकिंग ट्रैक निर्माण, बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, बोटिंग सुविधा, सोलर स्ट्रीट लाइट, पिकनिक स्पॉट एवं सामुदायिक भवन का निर्माण कराया जाए।

    समिति ने कहा कि यदि कंपनी तालाब का समुचित विकास किया जाता है तो यह क्षेत्र पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे तथा मुसाबनी क्षेत्र को एक स्वच्छ, सुंदर एवं आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सके, 

    पर्यटन मंत्री ने कहा कि वे सोमेश् सोरेन के चुनाव के वक्त कंपनी तालाब को देखे है, और उनका पूरा प्रयास रहेगा कि जल्द इसका समग्र विकास हो, इसे लेकर उन्होंने अपने सचिव को निर्देश दिया कि जमशेदपुर उपायुक्त के माध्यम से कंपनी तालाब की वस्तु स्थिति की जनकारी मंगवाकर आगे की करवाई की जाए।

    जाहिर है, मन में चाहत और नियत में सच्चाई हो तो कोई भी कार्य असंभव नहीं होता है। बहरहाल, मुसाबनी कंपनी तालाब का  भाग्य झारखंड राज्य के पर्यटन मंत्री के टेबुल में है। देखना है कि, कंपनी तालाब का दिन फिरेंगे या वैसे ही बैरन हाथ लगेगा ।

संथाल

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