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कोयलांचल

  • राँची : एसबीयू ने राष्ट्रीय “नशा मुक्त युवा – विकसित भारत” अभियान में निभाई सक्रिय भागीदारी
    राँची : एसबीयू ने राष्ट्रीय “नशा मुक्त युवा – विकसित भारत” अभियान में निभाई सक्रिय भागीदारी

    एसबीयू ने राष्ट्रीय “नशा मुक्त युवा – विकसित भारत” अभियान में निभाई सक्रिय भागीदारी

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    Arjun Kumar …..✍️

    नामकुम(राँची) । सरला बिरला यूनिवर्सिटी ने “नशा मुक्त युवा – विकसित भारत” विषय पर आयोजित राष्ट्रीय ऑनलाइन इंटरैक्टिव सत्र में सक्रिय भागीदारी की। इस कार्यक्रम को भारत के  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया। देशभर के विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों की सहभागिता वाले इस अभियान का उद्देश्य युवाओं में नशामुक्त जीवन के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय संकल्प में सक्रिय भागीदार बनने के लिए प्रेरित करना था।
    कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक से हुआ, जिसमें नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत करते हुए स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवनशैली के महत्व पर बल दिया गया। इस प्रस्तुति के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जागरूकता, शिक्षा और सामूहिक उत्तरदायित्व के माध्यम से ही नशामुक्त समाज का निर्माण संभव है। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, शिक्षाविद एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति वर्चुअल माध्यम से जुड़े । अपने प्रेरक संबोधन में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने युवाओं से नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा राष्ट्र निर्माण में जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के भविष्य को ही नहीं, बल्कि परिवार और समाज की नींव को भी कमजोर करता है। प्रधानमंत्री ने विश्वविद्यालयों एवं शिक्षकों से आग्रह किया कि वे कक्षा शिक्षण के साथ-साथ विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभाव, मानसिक स्वास्थ्य और जिम्मेदार नागरिकता के विषय में निरंतर जागरूक करें। उन्होंने विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय विज़न को दोहराते हुए युवाओं को इस परिवर्तन यात्रा का सक्रिय सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया । प्रधानमंत्री के संबोधन के उपरांत सरला बिरला यूनिवर्सिटी के  महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक ने विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र अर्जुन सिंह की प्रेरणादायक सफलता की कहानी साझा की, जिन्होंने दृढ़ संकल्प, उचित मार्गदर्शन और समय पर मिले सहयोग से नशे की लत पर विजय प्राप्त कर अपने जीवन को नई दिशा दी। यह उदाहरण विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना और इस बात का प्रमाण भी कि सही मार्गदर्शन एवं आत्मविश्वास से किसी भी चुनौती पर विजय प्राप्त की जा सकती है । इस अवसर पर विश्वविद्यालय के  कुलपति प्रो. सी. जगनाथन ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अनुशासित, स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उनके आज के सकारात्मक निर्णय ही विकसित भारत के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बनेंगे । कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विश्वविद्यालय परिवार द्वारा नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता फैलाने तथा स्वस्थ, सशक्त और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय सहभागिता के माध्यम से सरला बिरला यूनिवर्सिटी ने सामाजिक रूप से उत्तरदायी युवाओं के निर्माण तथा विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ किया । सरला बिरला विश्वविद्यालय के  प्रतिकुलाधिपति  बिजय कुमार दलान और माननीय राज्यसभा सांसद सह निदेशक प्लानिंग एंड डेवलपमेंट डॉ प्रदीप कुमार वर्मा ने विवि परिसर में हुए इस कार्यक्रम के आयोजन पर हर्ष व्यक्त किया है।

कोल्हान

  • चाकुलिया: पुलिस ने जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को डायन प्रथा व नशा मुक्ति के प्रति किया जागरूक

    चाकुलिया: पुलिस ने जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को डायन प्रथा व नशा मुक्ति के प्रति किया जागरूक

    संवाददाता: विश्वकर्मा सिंह
    चाकुलिया थाना क्षेत्र के शिमदी पंचायत अंतर्गत शांतिनगर चौक में बुधवार को डायन प्रथा उन्मूलन एवं नशा मुक्ति को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया. इस अभियान का नेतृत्व थाना प्रभारी राजेश कुमार, एसआई अजीत कुमार तथा स्थानीय चौकीदारों की उपस्थिति में किया गया. इस दौरान आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे करीब 100 ग्रामीणों को डायन प्रथा जैसी सामाजिक कुरीति से दूर रहने तथा नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. इस दौरान पुलिस पदाधिकारियों ने ग्रामीणों से अंधविश्वास का विरोध करने, सामाजिक सौहार्द बनाए रखने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की.

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    साथ ही उपस्थित ग्रामीणों से अनुरोध किया गया कि वे अपने-अपने गांव और समाज में भी इन विषयों पर लोगों को जागरूक करें, ताकि समाज से कुरीतियों का उन्मूलन हो सके और स्वस्थ एवं सुरक्षित वातावरण का निर्माण हो.

संथाल

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