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कोयलांचल

  • दुमका : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने आयुक्त संथाल परगना प्रमंडल को ज्ञापन सौंपा…
    दुमका : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने आयुक्त संथाल परगना प्रमंडल को ज्ञापन सौंपा…

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    दुमका : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने आयुक्त संथाल परगना प्रमंडल को ज्ञापन सौंपा…

    रिपोर्ट … मौसम गुप्ता

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    अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद दुमका द्वारा आयुक्त संथाल परगना प्रमंडल, दुमका को विभिन्न जनसमस्याओं के संबंध में ज्ञापन सौंपा गया।

    नगर सह मंत्री आदित्य जोशी ने कहा कि दुमका जिले में अवैध पेड़ कटाई, अवैध बालू उठाव, अवैध खनन एवं अन्य जनसमस्याओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद लगातार आवाज उठाती रही है। विद्यार्थी परिषद सदैव छात्रहित के साथ-साथ समाजहित के मुद्दों को लेकर भी सक्रिय रूप से कार्य करती रही है। वर्तमान समय में दुमका जिले में कई गंभीर समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, जिस पर प्रशासन द्वारा अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है।

    उन्होंने कहा कि दुमका जिले में लगातार बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की जा रही है। एक ओर सरकार एवं समाज द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर खुलेआम पेड़ों की कटाई जारी है। संबंधित विभाग एवं प्रशासन को जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

    साथ ही मसानजोर क्षेत्र में बने कॉटेज एवं अन्य निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने तथा टू-टाना क्षेत्र में बने पार्क की गुणवत्ता की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई, ताकि निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर दोषियों पर कार्रवाई हो सके।

    ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि सरैयाहाट एवं जरमुंडी क्षेत्र में अवैध लकड़ी मिल संचालित हो रही हैं। प्रशासन को इसकी जानकारी होने के बावजूद भी अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है।

    परिषद ने आरोप लगाया कि जिले में ट्रैक्टरों के माध्यम से अवैध बालू उठाव लगातार किया जा रहा है। वीडियो एवं फोटो साक्ष्य उपलब्ध होने के बावजूद भी प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। विशेष रूप से सरैयाहाट, जामा एवं दुमका क्षेत्र स्थित रामेश्वर नदी से बड़े पैमाने पर अवैध बालू उठाव किया जा रहा है। रात के समय बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टरों के माध्यम से बालू का परिवहन किया जा रहा है, जिससे कानून व्यवस्था एवं पर्यावरण दोनों प्रभावित हो रहे हैं। बाजार क्षेत्रों में भी बिना लाइसेंस एवं बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टर खुलेआम संचालित हो रहे हैं, जिसके कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं तथा आम लोगों एवं छात्रों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

    ज्ञापन में यह मांग भी की गई कि पर्यावरण संरक्षण एवं खनन नियमों के पालन की निष्पक्ष जांच कराई जाए। खनन से संबंधित राजस्व एवं आय की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए तथा खनन की निर्धारित सीमा एवं गहराई की भी जांच की जाए।

    इसके अतिरिक्त खदानों से निकाले जा रहे पत्थर एवं अन्य खनिजों की मात्रा, क्षेत्रफल एवं मानकों की जांच कराने की मांग की गई। साथ ही खनन से उत्पन्न पर्यावरण प्रदूषण, सड़कों की स्थिति, जलस्रोतों एवं स्थानीय जनजीवन पर पड़े प्रभाव की समीक्षा करने की भी मांग की गई।

    गोपीकांदर प्रखंड में संचालित कुल क्रशर एवं पत्थर खदानों की संख्या तथा उनकी मान्यता सूची की जांच कराने की मांग की गई। संबंधित खदानों एवं क्रशरों के लिए जारी लीज एवं अनुमतियों की प्रतिलिपि सहित जांच कराने की भी मांग रखी गई।

    परिषद ने खनन पट्टा/लीज की वैध प्रतिलिपियों एवं पर्यावरण स्वीकृति (NOC / Environmental Clearance) की भी जांच कराने की मांग की।

    अंत में परिषद ने आयुक्त महोदय से सभी विषयों पर शीघ्र जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की तथा चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद आने वाले समय में जनसमस्याओं को लेकर आंदोलन एवं धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी।

    ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला संयोजक अभिषेक गुप्ता, नगर सह मंत्री आदित्य जोशी, आकाश, सुमित एवं पंकज उपस्थित थे।

कोल्हान

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    दुमका : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने आयुक्त संथाल परगना प्रमंडल को ज्ञापन सौंपा…

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    दुमका : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने आयुक्त संथाल परगना प्रमंडल को ज्ञापन सौंपा…

    रिपोर्ट … मौसम गुप्ता

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    अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद दुमका द्वारा आयुक्त संथाल परगना प्रमंडल, दुमका को विभिन्न जनसमस्याओं के संबंध में ज्ञापन सौंपा गया।

    नगर सह मंत्री आदित्य जोशी ने कहा कि दुमका जिले में अवैध पेड़ कटाई, अवैध बालू उठाव, अवैध खनन एवं अन्य जनसमस्याओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद लगातार आवाज उठाती रही है। विद्यार्थी परिषद सदैव छात्रहित के साथ-साथ समाजहित के मुद्दों को लेकर भी सक्रिय रूप से कार्य करती रही है। वर्तमान समय में दुमका जिले में कई गंभीर समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, जिस पर प्रशासन द्वारा अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है।

    उन्होंने कहा कि दुमका जिले में लगातार बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की जा रही है। एक ओर सरकार एवं समाज द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर खुलेआम पेड़ों की कटाई जारी है। संबंधित विभाग एवं प्रशासन को जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

    साथ ही मसानजोर क्षेत्र में बने कॉटेज एवं अन्य निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने तथा टू-टाना क्षेत्र में बने पार्क की गुणवत्ता की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई, ताकि निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर दोषियों पर कार्रवाई हो सके।

    ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि सरैयाहाट एवं जरमुंडी क्षेत्र में अवैध लकड़ी मिल संचालित हो रही हैं। प्रशासन को इसकी जानकारी होने के बावजूद भी अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है।

    परिषद ने आरोप लगाया कि जिले में ट्रैक्टरों के माध्यम से अवैध बालू उठाव लगातार किया जा रहा है। वीडियो एवं फोटो साक्ष्य उपलब्ध होने के बावजूद भी प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। विशेष रूप से सरैयाहाट, जामा एवं दुमका क्षेत्र स्थित रामेश्वर नदी से बड़े पैमाने पर अवैध बालू उठाव किया जा रहा है। रात के समय बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टरों के माध्यम से बालू का परिवहन किया जा रहा है, जिससे कानून व्यवस्था एवं पर्यावरण दोनों प्रभावित हो रहे हैं। बाजार क्षेत्रों में भी बिना लाइसेंस एवं बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टर खुलेआम संचालित हो रहे हैं, जिसके कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं तथा आम लोगों एवं छात्रों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

    ज्ञापन में यह मांग भी की गई कि पर्यावरण संरक्षण एवं खनन नियमों के पालन की निष्पक्ष जांच कराई जाए। खनन से संबंधित राजस्व एवं आय की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए तथा खनन की निर्धारित सीमा एवं गहराई की भी जांच की जाए।

    इसके अतिरिक्त खदानों से निकाले जा रहे पत्थर एवं अन्य खनिजों की मात्रा, क्षेत्रफल एवं मानकों की जांच कराने की मांग की गई। साथ ही खनन से उत्पन्न पर्यावरण प्रदूषण, सड़कों की स्थिति, जलस्रोतों एवं स्थानीय जनजीवन पर पड़े प्रभाव की समीक्षा करने की भी मांग की गई।

    गोपीकांदर प्रखंड में संचालित कुल क्रशर एवं पत्थर खदानों की संख्या तथा उनकी मान्यता सूची की जांच कराने की मांग की गई। संबंधित खदानों एवं क्रशरों के लिए जारी लीज एवं अनुमतियों की प्रतिलिपि सहित जांच कराने की भी मांग रखी गई।

    परिषद ने खनन पट्टा/लीज की वैध प्रतिलिपियों एवं पर्यावरण स्वीकृति (NOC / Environmental Clearance) की भी जांच कराने की मांग की।

    अंत में परिषद ने आयुक्त महोदय से सभी विषयों पर शीघ्र जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की तथा चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद आने वाले समय में जनसमस्याओं को लेकर आंदोलन एवं धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी।

    ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला संयोजक अभिषेक गुप्ता, नगर सह मंत्री आदित्य जोशी, आकाश, सुमित एवं पंकज उपस्थित थे।

संथाल

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