
चाकुलिया: स्वामी विवेकानंद आईटीआई कॉलेज में आयोजित दीक्षांत समारोह में एसडीओ सुनील चंद्र ने कहा अनुशासन ही देश को महान बनाता है
संवाददाता: विश्वकर्मा सिंह
चाकुलिया नगर पंचायत क्षेत्र के स्वामी विवेकानंद आईटीआई कॉलेज में शनिवार को विद्यार्थियों का दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया. समारोह में बतौर मुख्य अतिथि अनुमंडल पदाधिकारी सुनील चंद्र और विशिष्ट अतिथि के रूप में बहरागोड़ा बीडीओ केशव भारती, चाकुलिया बीडीओ आरती मुंडा, अंचल अधिकारी नवीन पूर्ति बहरागोड़ा पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्रिंसिपल संजत मिश्रा, संस्थान के सीईओ जोगेंद्र सिंह शामिल हुए. इस दौरान अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. इस समारोह में आईटीआई कॉलेज के प्रिंसिपल तरुण महंती ने अतिथियों को फूलों का गुलदस्ता, पौधा देकर ओर शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया. इसके उपरांत समारोह में अतिथियों के हाथों आईटीआई कॉलेज के झारखंड टॉपर में प्रथम स्थान प्राप्त विद्यार्थी इलेक्ट्रिशियन से बिक्रम बास्के, फिटर से संजीव गिरी और कोपा से बासुमति मुंडा को प्रमाण पत्र के साथ साथ प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो ओर गिफ्ट देकर सम्मानित किया गया. इसके अलावा इलेक्ट्रीशियन, फिटर, कोपा ओर वेल्डर के कुल 116 विद्यार्थी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया.


समारोह में प्रिंसिपल संजत मिश्रा ने कहा अनुशासन ही सफलता का मार्ग है. अनुशासन के बिना जीवन व्यर्थ है. विद्यार्थियों के जीवन में अनुशासन का बड़ा महत्व है. दीक्षांत समारोह विद्यार्थी के जीवन का एक महत्वपूर्ण दिन होता है.
समारोह में प्रिंसिपल तरुण कुमार महंती ने कहा कि शिक्षा का कभी अंत नहीं होता है. विधार्थी भविष्य में भी शिक्षा लेते रहें और आगे बढ़े. उन्होंने कहा कि समय बहुमुल्य है. समय को बर्बाद ना करें.

बीडीओ केशव भारती और आरती मुंडा ने कहा दीक्षांत का मतलब होता है दीक्षा का अंत यानी यहां से जो अपने सीखा है उसका अंत होना. शिक्षा का कोई अंत नहीं होता है इसलिए सभी विद्यार्थी ध्यान लगाकर पढ़ाई करे और आगे बढ़े सफलता जरूर मिलेगी. सभी विद्यार्थी अपने लक्ष्य को लेकर निरंतर प्रयास करे एक दिन मंजिल जरूर मिलेगी.

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि अनुमंडल पदाधिकारी सुनील चंद्र ने कहा जिन्हें मंजिल मिली उन्हें बधाई ओर जिन्हें मंजिल नहीं मिली वो नीरस ना हो उन्हें उससे भी कुछ अच्छा मिलने वाला है. रास्ता एक नहीं होता है रास्ता अनेक है सभी अपने रास्ते को पहचाने और एक लक्ष्य के साथ आगे बढ़े. जितना आग में तपोगे उतना सोने की तरह बाहर निकलोगे, इसलिए सभी विद्यार्थी अच्छे से तैयारी करे और अपनी मंजिल को पाने लिए खूब मेहनत करे. उन्होंने कहा की अनुशासन ही देश को महान बनाता है. आपके जीवन में अगर अनुशासन नहीं होगा तब तक आप अपने लक्ष्य को नहीं पा सकते है. इसलिए अपने आप को अनुशासित बना कर रखना बहुत जरूरी है.

इस मौके पर पिजूस पात्र, मनोज बेरा, संजीत राउत, कुलदीन उरांव, नृपेंद्र महतो, राजन पाल, सुब्रत महतो शुक्ला मोहंती आदि उपस्थित थे.

