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दुमका में हूल दिवस पर राजद कार्यकर्ताओं ने सिद्धू-कान्हू की प्रतिमा पर अर्पित की श्रद्धांजली

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दुमका : हूल क्रांति दिवस के अवसर पर सोमवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की ओर से सिद्धू-कान्हू की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ हर्षोल्लास से क्रांतिकारी वीरों की स्मृति को नमन किया गया।

इस मौके पर कार्यक्रम का नेतृत्व राजद नेता कंचन यादव ने किया। उनके साथ वरिष्ठ राजद नेता जितेश कुमार दास, हाबु यादव, पंकज कुमार यादव, मोहम्मद अली, मोहम्मद सोहेल खान, मोहम्मद सज्जाद, पिंकू ठाकुर, डोनाल्ड हेम्ब्रम, मोहम्मद लतीफ, सुमित कुमार झा, रमेश यादव सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि हूल दिवस हर वर्ष 30 जून को मनाया जाता है। यह 1855 में संथाल परगना के भोगनाडीह गांव से सिद्धू और कान्हू मुर्मू के नेतृत्व में शुरू हुए संथाल विद्रोह की याद में मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि इस जन आंदोलन ने अंग्रेजों की नींव हिला दी थी। संथाली भाषा में ‘हूल’ का अर्थ होता है ‘विद्रोह’, और यह भारत में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध पहला सशस्त्र जन आंदोलन था।

नेताओं ने कहा कि सिद्धू-कान्हू का ‘करो या मरो’ और ‘अंग्रेज हमारी माटी छोड़ो’ जैसे नारे आज भी हमें प्रेरणा देते हैं। कार्यक्रम में आदिवासी समाज के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और वीर सपूतों को नमन किया।

 

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