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चाण्डिल अनुमण्डल के विभिन्न प्रखंडों के मस्जिदों में मुस्लिम धर्मलंबियों ने अकीदत के साथ ईद उल अजहा की नमाज अदा की। नमाज के दौरान पुलिस की भी प्रतिनियुक्ति प्रशासन के द्वारा की गई थी…

सादगीपूर्ण तरीक़े से मनाया गया त्याग और बलिदान का त्यौहार ईद उल अजहा, नमाज अदा कर एक-दूसरे को मुबारकबाद दी…

 


चांडिल (विद्युत महतो) चांडिल अनुमंडल के कुकड़ू प्रखंड क्षेत्र के तिरुलडीह, चौड़ा, ईचागढ़ प्रखंड के आमडा, गौरांगकोचा, नीमडीह प्रखंड के सिंदुरपुर और चांडिल आदि जगहों पर त्याग और बलिदान का त्यौहार ईद उल अजहा का पर्व सादगीपूर्ण तरीके से मनाया गया। इस मौके पर मस्जिदों में मुस्लिम धर्मलंबियों ने अकीदत के साथ ईद उल अजहा की नमाज अदा की। नमाज के दौरान पुलिस की भी प्रतिनियुक्ति प्रशासन के द्वारा की गई थी।

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इधर ईद उल अजहा के नमाज के बाद देश के अमन चैन की दुआ की गई। वहीं लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी। इसके बाद समाज के लोगों ने घरों में पर्दे के साथ कुर्बानियां पेश की। नूरी मस्जिद तिरुलडीह के पेशे इमाम कारी समीउल्लाह ने बताया कि हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की सुन्नत को अदा करते हुए समाज के लोगों ने कुर्बानियां पेश की।

मालूम हो कि ईद उल अजहा का पर्व हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम के सुन्नत में मनाया जाता है, जो इस्लामिक कैलेंडर के हिसाब से 12 महीने के 10 तारीख को होती है। इस दिन लोग अपने-अपने हैसियत से कुर्बानी देते हैं। उलेमाओ के अनुसार कुर्बानी हर मुसलमान का फर्ज नहीं है, जो संपन्न लोग होते हैं, उन्हीं लोगों पर कुर्बानी फर्ज है। वहीं जो लोग आर्थिक रूप से कमजोर हैं उनको कुर्बानी देना जरूरी नहीं है।

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