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20वीं चैंपियंस ट्रॉफी में कांके का जलवा — झारखंड के गांवों में खेल की नई क्रांति”

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Arjun Kumar Pramanik……✍️

अनगड़ा(राँची) । प्रखंड के लुपुंग पंचायत स्थित  स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में अंश क्लब कांके ने चित्तरकोटा एफसी को पेनाल्टी शूटआउट में हराकर 20वीं चैंपियंस ट्रॉफी फुटबॉल टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया। फाइनल मैच देखने के लिए दस हजार से अधिक दर्शक पहुंचे — जो ग्रामीण स्तर पर खेल के प्रति बढ़ती दिलचस्पी और उत्साह का शानदार संकेत है। मुख्य अतिथि के रूप में जी एंड पी इंटरप्राइजेज के ऑनर अमर गोयल, पूर्व विधायक रामकुमार पाहन, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सोमनाथ मुंडा, अभिषेक वस्त्रालय के संस्थापक सागर साहू और आजसू पार्टी के केंद्रीय सचिव पारसनाथ उरांव मौजूद रहे। विजेता टीम को पांच लाख रुपये और उपविजेता टीम को तीन लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं सेमीफाइनल खेलने वाली भगत इलेक्ट्रॉनिक्स पारेपाट और ब्लैक पैंथर माथ टोली को 75-75 हजार रुपये से सम्मानित किया गया।
अभिषेक वस्त्रालय गोंदली पोखर की ओर से प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट कांके के रोहित तिग्गा को स्मार्ट टीवी भेंट किया गया। इसके अलावा प्लेयर ऑफ द मैच बासित, बेस्ट डिफेंडर सोमरा मुंडा, बेस्ट गोलकीपर रेमंड लकड़ा और बेस्ट स्कोरर केल्विन को सम्मानित किया गया।
इस मौके पर अध्यक्ष राजेंद्र शाही मुंडा, सचिव अनिल चौधरी, कोषाध्यक्ष रामसाय मुंडा समेत आयोजन समिति के सभी सदस्य मौजूद थे। मैदान में खिलाड़ियों की जीत की खुशी, दर्शकों की गूंजती तालियाँ, और स्थानीय युवाओं का जोश इस टूर्नामेंट को एक यादगार क्षण बना गया।
खेल के समापन अवसर पर निःस्वार्थ भाव से सहयोग कर रहे वॉलेंटियर्स और सहयोगियों को भी सम्मानित किया गया, जबकि विजेता और उपविजेता टीम ने मैदान में नाच-गान के साथ अपनी जीत का जश्न मनाया।
टूर्नामेंट के सचिव अनिल कुमार चौधरी ने भविष्य की योजनाओं का खुलासा करते हुए कहा —
“हम हर साल इस टूर्नामेंट को और बड़े स्तर पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 2026 के टूर्नामेंट में पाँच विदेशी टीमों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी ताकि हमारे खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव प्राप्त कर सकें। वहीं 2029 के टूर्नामेंट में विजेता टीम को 10 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। हमारा मकसद है कि यह टूर्नामेंट सिर्फ एक प्रतियोगिता न रहकर, नवयुवकों के लिए करियर और अवसर का मंच बने।”
वहीं टूर्नामेंट के अध्यक्ष राजेंद्र शाही मुंडा ने कहा —
“हमारा उद्देश्य सिर्फ ट्रॉफी देना नहीं, बल्कि युवाओं को खेल के माध्यम से एक नई दिशा देना है। आनेवाली 21वीं चैंपियंस ट्रॉफी में हम युवाओं को और बड़ा प्लेटफॉर्म देने जा रहे हैं, जहाँ उन्हें राज्य और राष्ट्रीय स्तर के कोचों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। हमारा सपना है कि झारखंड के ग्रामीण खिलाड़ी भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएँ। खेल न सिर्फ शरीर को मज़बूत करता है, बल्कि जीवन में अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास भी लाता है — यही झारखंड की नई पहचान बनेगी।”
ग्रामीण क्षेत्र में इस स्तर पर दस हजार से अधिक दर्शकों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि अब गांवों में भी खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि युवाओं के करियर और सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बन रहा है।

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