
बंगला देशी घुसपैठियों पर पूर्व मुख्यमंत्री चम्पई सोरेन का बड़ा बयान।कहा समाज को जागरूक करेंगे और आदिवासी सांवता सुशार अखाड़ा की टीम के साथ संथाल परगना में जनांदोलन कर बंगला देशी घुसपैठियों को झारखंड से बाहर भगाएंगे।

राजनगर(रिपोर्ट – रविकांत गोप):- गुरुवार को सरायकेला के दावना पंचायत के लुपुंग में वरिष्ठ राजनीतिक सह पूर्व मुख्यमंत्री चम्पई सोरेन के सहयोगी गुरूपदो महतो के निधन पर चम्पई सोरेन गुरुवार को उनके आवास पंहुचे,वहीं लौटने के क्रम में अपने भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने राजनगर पहुंचे ,जहाँ उन्होंने बांगलादेशी घुसपैठियों को झारखंड से बाहर भगाने के जनांदोलन करने की घोषणा की ।उन्होंने मीडिया के समक्ष झारखंड सरकार को आईना दिखाने का कार्य किया ।कहा जहां एक ओर सरकार हाई कोर्ट में कहती है कि संथाल परगना में कोई बांग्लादेशी घुसपैठिया नहीं है, वहीं दूसरी ओर इस नजमुल जैसे ना जाने कितने लोग, यहाँ आदिवासियों की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। हमारी बहू-बेटियों की अस्मत से खिलवाड़ कर रहे हैं।
वहीं झारखंड सरकार को खेलते हुए कहा सरकार, सिर्फ वोट बैंक की खातिर, पूरे मामले को देखते हुए भी अनदेखा कर रही है। पाकुड़ समेत कई विधानसभा सीटों पर हमारा आदिवासी समाज आज अल्पसंख्यक हो चुका है। सरकार बताए कि जब एसपीटी ऐक्ट की वजह से वहाँ की जमीनों की ख़रीद-बिक्री ही नहीं हो सकती, तो ये घुसपैठिये किसकी जमीन पर बसे हैं।
बांग्लादेशी घुसपैठियों का यह मुद्दा हमारे लिए कोई राजनैतिक या चुनावी नहीं, बल्कि एक सामाजिक मुद्दा है जो आदिवासी समाज के अस्तित्व से जुड़ा है। हम उनके अधिकारों के लिए लड़ते रहे हैं, और अब इस संघर्ष को तेज करने का वक्त आ चुका है।
अगले महीने से, आदिवासी सांवता सुशार अखाड़ा की टीम संथाल परगना समेत विभिन्न जिलों का दौरा करेगी तथा जमीनी स्तर पर घुसपैठ, धर्मांतरण एवं समाज के अन्य मुद्दों पर वृहत आंदोलन खड़ा किया जायेगा।
वहीं राजनगर में उनके साथ भाजपा के हीरालाल सतपति, बलदेव मंडल,मेघराय मार्डी,रामरतन महतो,भुवनेश्वर महतो,हरेकृष्णा प्रधान,राजकपूर प्रधान,राकेश सतपति ,सुधांशु शेखर सतपति समेत कई उपस्थित थे।
