Advertisements
Spread the love

क्षेत्र में परंपरागत तरीके से मना कहीं भैया दूज तो कहीं भाई पोटा . . .

अमर पीठा खिलाकर बहनों ने अपने भाइयों की अमर होने की मंगल कामना की।

सरायकेला : SANJAY

Advertisements

यम द्वितीया के अवसर पर क्षेत्र भर में भैया दूज का त्यौहार परंपरागत तरीके से मनाया गया। जिसके तहत बहनों ने उपवास व्रत रखते हुए स्नान ध्यान कर पूजा पाठ की। और भाइयों के दुश्मनों का नाश करने की कामना करते हुए भाइयों के दीर्घायु होने के लिए यम देव की विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की। जिसके बाद बहनों ने घर आकर अपने भाइयों के लिए अमर पीठा का पकवान पकाया। और अपने भाइयों को अमर पीठा खिलाते हुए उनके अमर होने की मंगल कामना की। मौके पर भाइयों ने बहनों को मिठाई खिलाते हुए उपवास व्रत खुलवाया। और उपहार देकर अपनी बहनों का सम्मान किया। मान्यता है कि भैया दूज के अवसर पर यम देवता की पूजा करने से भाइयों पर आने वाली सभी बुरी बलाएं टल जाती हैं। और दीर्घायु की प्राप्ति होती है।


इस अवसर पर विशेष रुप से ग्रामीण क्षेत्रों में भाई पोटा का त्यौहार मनाया गया। जहां बहनों ने परंपरागत तरीके से पूजा अर्चना करते हुए अपने भाइयों की कलाई में रक्षा सूत बांधे। और उनके लंबी उम्र की मंगल कामना करते हुए उन्हें पीठा पकवान खिलाया। इस अवसर पर भाइयों ने भी अपने बहनों का उपहार देकर सम्मान किया।
भाई बहन के अटूट स्नेह का त्योहार भैया दूज और भाई पोटा के अवसर पर दूर रह रहे भाई बहनों को भी इंटरनेट और वीडियो कॉलिंग के माध्यम से त्यौहार मनाते हुए देखा गया।