
सरायकेला में खुदा की इबादत में 6 साल के इमाद हुसैन ने रखा रोजा; दुनिया के अमन चैन की मांगी दुआएं . . .
सरायकेला SANJAY । रमजान का मुबारक महीना जारी है। यह महीना मुस्लिम समुदाय के लिए बेहद खास बताया गया है। इस पूरे महीने मुस्लिम लोग रोजा रखते हैं और अल्लाह की इबादत करते हैं। एक माह तक मस्जिदों व घरों में इबादत का क्रम जारी रहता है। तेज गर्मी में भूख और प्यास बर्दाश्त करके कुरान का पाठ अकीदतमंद कर रहे हैं। साथ ही लोग नेकी के रास्ते पर चलने का संकल्प भी ले रहे हैं। मंगलवार को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बारहवां रोजा रखा है। रमजान का रोजा बड़ों के साथ-साथ मासूम बच्चों ने भी रखा। कई बच्चों की जिंदगी का यह पहला रोजा था। तपती धूप और गर्मी से बेपरवाह बच्चों ने अल्लाह और उसके रसूल की रजा हासिल करने के लिए भूख और प्यास की शिद्दत बर्दाश्त कर दुनिया के अमन चैन की दुआ की। मंगलवार को बारहवें रोजे में ही भीषण गर्मी ने रोजेदारों का इम्तिहान लिया। जिन बच्चों ने पहली बार रोजा रखा उनके परिवार वालों ने उनकी हौसला अफजाई की। शाम को इफ्तार के वक्त बच्चों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। रोजा खोलते वक्त सभी ने अल्लाह से दुनिया के अमन चैन की दुआ मांगी। सरायकेला के मस्जिद गली लहरी टोला निवासी गुलजार हुसैन के 6 साल के बेटे इमाद हुसैन ने पांचवां रोजा रखा। इमाद हुसैन ने बताया कि खुदा की खुशनूदी हासिल करने के लिए भूख और प्यास को बर्दाश्त करना बड़ी बात नहीं है। उनके रोजा रखने पर पूरे घर में खुशी का माहौल देखा गया।


