तिरूलडीह पुलिस द्वारा पत्रकार की पिटाई के मामले में राष्ट्रीय
मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान, दर्ज कराई शिकायत….
सरायकेला : तिरुलडीह के एक दैनिक अखबार के पत्रकार विद्युत महतो की पुलिस द्वारा बर्बरतापूर्वक पिटाई और फर्जी मुकदमे में फंसाए जाने के मामले पर नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन यानी राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज कर लिया है. कोडरमा के मानवाधिकार कार्यकर्ता ओंकार विश्वकर्मा ने मामले पर संज्ञान लेते हुए आयोग में इसकी शिकायत दर्ज कराई है.
जिसका केस संख्या 1486/IN/2022 है. आयोग को दर्ज कराए गए शिकायत के आधार पर श्री विश्वकर्मा ने पीड़ित पत्रकार को इंसाफ दिलाते हुए उसे उचित मुआवजा दिलाने की भी मांग की है.
आयोग में दर्ज कराई शिकायत :-
विदित रहे कि मानवाधिकार कार्यकर्ता ओंकार विश्वकर्मा इससे पूर्व भी कई ऐसे मामलों में आयोग का ध्यान आकृष्ट कराते हुए पीड़ित को इंसाफ दिला चुके हैं. वैसे देखना यह दिलचस्प होगा कि मामले पर जिला पुलिस और प्रशासन कितनी गंभीरता दिखाती है. इससे पूर्व रांची सांसद संजय सेठ और भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने भी मामले पर ट्वीट के जरिये आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने की मांग उठा चुके हैं.
ये है मामला:-
सरायकेला- खरसावां जिला के तिरूलडीह थाना क्षेत्र से अवैध बालू के उठाव की खबर बनाने पहुंचे एक दैनिक अखबार स्थानीय रिपोर्टर विद्युत महतो की उस वक्त थाने में तैनात संतरियों ने बेरहमी से पिटाई कर डाली। जब ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए बालू के ट्रैक्टर को पत्रकार थाना ले जाने की बात कहने लगा। जिस पर थानेदार राकेश मुंडा आक्रोशित हो उठे और अपने साथियों से पत्रकार को ही पिटवा डाली.
पत्रकार चीखता रहा कि “मैं पत्रकार हूं… “मैं पत्रकार हूं… मगर अपने अधिकारी के आदेशों और पोल खुलने से आक्रोशित संतरियों ने आधी रात को बीच सड़क पर थाना गेट के बाहर पत्रकार को पीट- पीटकर अधमरा कर दिया और उसकी मोबाइल तोड़ डाली, ताकि सारे सबूत नष्ट हो जाए. पत्रकार गिड़गिड़ाता रहा मगर थाना कर्मियों ने उसकी एक न सुनी.
थाना कर्मियों द्वारा आधी रात को पत्रकार की पिटाई के बाद थानाकर्मी उसे अधमरा छोड़ बीच सड़क पर वापस थाने के भीतर चले गए. स्थानीय ग्रामीणों द्वारा घायल पत्रकार को आधी रात को ईचागढ़ अस्पताल पहुंचाया. जहां पत्रकार की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शनिवार सुबह उसे बेहतर इलाज के लिए जमशेदपुर स्थित एमजीएम अस्पताल रेफर किया गया. आज भी पत्रकार एमजीएम अस्पताल में ईलाजरत है. इधर मामला बिगड़ता देख थानेदार द्वारा पत्रकार सहित 7 ग्रामीणों पर आईपीसी की धारा 143, 147, 149, 363 जैसे धाराएं लगाकर उसे अपराधी करार दे दिया.
पत्रकार संगठनों में आक्रोश :-
वहीं उक्त घटना के बाद पत्रकार संगठन द प्रेस क्लब ऑफ सरायकेला खरसावां और एआईएसएम ने कड़ी आपत्ति जताई है. दोनों संगठनों ने तिरूल्डीह थाना प्रभारी को तत्काल निलंबित करने की मांग उठाई है. वहीं जिले के पत्रकार भी पुलिस की इस कार्यवाई से आक्रोशित हो उठे हैं, जल्द ही कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं.
