सरायकेला। विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति, अभिभावकों एवं शिक्षक शिक्षिकाओं की उपस्थिति में सरायकेला स्थित सरस्वती शिशु मंदिर उच्च विद्यालय में हर्षोल्लास के साथ शरद पूर्णिमा समारोह का आयोजन किया गया। मौके पर प्रधानाचार्य पार्थ सारथी आचार्य द्वारा सभी का अभिवादन करते हुए शरद पूर्णिमा के महत्व के संबंध में बताया गया।
समिति के सचिव रमानाथ आचार्य ने सभी को शरद पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन चांद की चांदनी के रूप में धरती पर अमृत वर्षा होती है। जिससे धरती पर जीवन का मन और स्वास्थ्य शहीद आता है। समिति के अध्यक्ष सिद्धार्थ शंकर सिंहदेव ने कहा कि 30 दिन चंद्रमा के पृथ्वी के सबसे निकट होने के कारण इसकी चांदनी का महत्व बहुत अधिक बढ़ जाता है। इसी दिन भगवान कार्तिकेय जी का जन्म होने के कारण इसे कुमार पुर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।
इसी दिन माता लक्ष्मी की भी पूजा होती है। इस अवसर पर विद्यालय प्रांगण में चांद की चांदनी की उपस्थिति में खीर बनाकर प्रसाद रूप से उपस्थित जनों द्वारा सेवन किया गया। मौके पर समिति के उपाध्यक्ष विष्केशन सतपथी, चिरंजीवी महापात्र, सुदीप पटनायक, पार्थ सारथी दाश, गणेश सतपथी, विजय लाल, दिलीप कवि, राजीव महापात्र, रूपक महापात्र, बद्रीनारायण दारोगा, ललन सिंह, राजा ज्योतिषी एवं आचार्य प्रतिनिधि तुषार कांत पति सहित अन्य शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
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