Advertisements
Spread the love

 

शिवरात्रि के उपलक्ष पर बाघमारा में प्रसिद्ध भाटू पता मेला का भग्य आयोजन । मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे स्थानीय विधायक संजीव सरदार।

Advertisements

 

पोटका संवाददाता -अभिजीत सेन

पोटका प्रखंड अंतर्गत नरवा पहाड़ बाघमारा में शिवरात्रि के अवसर पर प्रसिद्ध भाटु पाता मेला का भव्य आयोजन किया गया। यहां 16 फरवरी से विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। ईइ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रुप में विधायक संजीव सरदार,विशिष्ट अतिथि परगाना बाबा हरिपदो मुर्मू, पुनता मुर्मू, सुशील हांसदा,दशमाथ हाँसदा एवं क्षेत्र के माझीगण उपस्थित रहे एवं आयोजन के लिए कमेटी की सराहना किया। मुख्य रूप में उपस्थित विधायक संजीव सरदार ने कहा कि यहां प्राचीन काल से ही प्रत्येक वर्ष माघ बोंगा (माह) अमावस्या और फागुन बोंगा मुलु: (माह) में आयोजित होता आया है। पर्व त्योहार से हमारा संस्कृति संरक्षित होता है। मेला का कार्यक्रम में यहां बीते 15 फरवरी की रात में मारांग बुरू बोंगा बेभार (पूजा ),16 को जागरण,17 को आदिवासी पारंपरिक नृत्य प्रदर्शन सहित विविध आकर्षक नृत्य, संगीत,बुढ़ी गाड़ी नृत्य,हादी शुशुन नृत्य, आर्केस्ट्रा जैसे रोचक कार्यक्रम हुए। बेहतर प्रदर्शन करने वाले टीमों को आकर्षक पुरस्कार दिया गया। यहां चाईबासा,जमशेदपुर, घाटशिला, रायरंगपुर, रांची, धनबाद,बोकारो शहर से डांसरों ने प्रतियोगिता में भाग लिए।  इस वर्ष 2026 भाटू पता डांस कंपटीशन में मुंबई,अंबाला (हरियाणा )कोलकाता, हिमाचल प्रदेश,देहरादून से भी कलाकारों ने बढ़कर भाग लिया और मंच में अपनी डांस का श्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इस वर्ष डांस कंपटीशन में प्रथम – साथी डांस ग्रुप मारचागोड़ा (पोटका), द्वितीय – रोहित और रोशन डांस ग्रुप (जमशेदपुर), तृतीय – किशन आहूजा (मुंबई ) एवं शेष 12 डांसरों को सांत्वना प्राइज दिया गया। मेला में आदिवासी पारंपरिक धोती साड़ी एवं व्यंजनों का स्टाल एवं विराट मुर्गा पाड़ा भी लगा था। आयोजन को सफल बनाने में कमेटी के अध्यक्ष  दुखु मारडी,सचिव  साहिल मुर्मू, कोषाध्यक्ष  बाबूलाल हाँसदा, उपाध्यक्ष मंसाराम मुर्मू, आजाद मुर्मू,अजीत मुर्मू, दुर्गा टुडू,बिरधान मुर्मू,सह सचिव शिवलाल मुर्मू,राजीव हांसदा, सुधीर सोरेन,प्रदीप मारडी, लखन मुर्मू, राजमोहन सरदार, एवं सह कोषाध्यक्ष  जगन टुडू, लखन हाँसदा,विजय टुडू,छाकु राम मुर्मू और जगन्नाथ हाँसदा ने सक्रिय भूमिका अदा किया।  मेला में शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु  200  से अधिक सदस्य वोलेंटियर के रूप में तैनात रहे।