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विश्व आदिवासी दिवस पर जिप अध्यक्ष के नेतृत्व में जागरूकता को लेकर 8 किमी की मैराथन दौड़े समाज की 500 युवा।

विश्व के प्राचीनतम संस्कृति एवं संस्कार को याद कर गौरवान्वित होने का दिवस है विश्व आदिवासी दिवस; मुझे गर्व है कि मैं आदिवासी हूं : सोनाराम बोदरा…

सरायकेला – संजय मिश्रा

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विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर सोनाराम बोदरा के नेतृत्व में मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। जिसका विधिवत शुभारंभ बड़बिल स्थित आदिवासी सांस्कृतिक केंद्र से जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा ने मैराथन दौड़ को झंडी दिखाकर की। इस अवसर पर जिप अध्यक्ष मैराथन दौड़ में शामिल होकर समाज के तकरीबन 500 युवाओं के साथ मुख्य सड़क मार्ग से दौड़ते हुए बिरसा चौक तक होते हुए वापस आदिवासी सांस्कृतिक केंद्र बड़बिल पहुंचे।

तकरीबन 8 किलोमीटर की मैराथन दौड़ का समापन आदिवासी सांस्कृतिक केंद्र में करते हुए उन्होंने कहा कि आज का दिन विश्व के प्राचीनतम आदिवासी संस्कृति एवं संस्कारों को याद कर गौरवान्वित होने का दिन है। और मुझे गर्व है कि मैं आदिवासी हूं। उन्होंने कहा कि आदिवासी एकता को मजबूत बनाने और भाषा, संस्कृति एवं संस्कार के उत्थान पर जागरूकता को लेकर मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि आदिवासियों के संरक्षण और संवर्धन के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 9 अगस्त 1994 को विश्व आदिवासी दिवस मनाने की घोषणा की गई थी।

जिसके बाद 9 अगस्त 1995 को प्रथम विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया था। मौके पर उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि अपनी संस्कृति, संस्कार, परंपरा और प्रकृति पर गर्व करते हुए इसकी रक्षा का संकल्प लें।

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