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झालसा की 6वीं राज्य स्तरीय बैठक प्रारंभ, ‘न्याय रथ’ को हरी झंडी

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Arjun Kumar Pramanik……✍️

रांची । झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा शौर्य सभागार, डोरंडा, रांची में जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों की 6वीं राज्य स्तरीय बैठक का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन के साथ हुई। बैठक में न्यायपालिका, प्रशासन, पुलिस, कारा विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि शामिल हुए। इस अवसर पर प्रोजेक्ट बाल सुरक्षा की शुरुआत की गई तथा नालसा और झालसा की योजनाओं एवं परियोजनाओं के संकलन का विमोचन किया गया। उत्कृष्ट कार्य के लिए पीएलवी और कर्मियों को सम्मानित किया गया। पीड़ित मुआवजा योजना के अंतर्गत लाभुकों को चेक भी वितरित किए गए। सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के लिए 24 बोलेरो बहुउपयोगी वाहन ‘न्याय रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो सुदूर क्षेत्रों तक विधिक सहायता पहुंचाने में सहायक होंगे। बैठक में कहा गया कि विधिक सेवाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाना है। दूर-दराज़ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और पीएलवी की महत्वपूर्ण भूमिका है। पीएलवी को जमीनी स्तर पर सरकार और समाज के बीच सेतु बताया गया। पॉक्सो मामलों में जांच संवेदनशीलता के साथ किए जाने पर विशेष बल दिया गया। कहा गया कि प्रत्येक नाबालिग को अपनी संतान के समान समझते हुए कार्य किया जाए, तभी न्याय की प्रक्रिया मानवीय और प्रभावी बन सकती है। बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि न्याय व्यवस्था को केवल कानूनी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि सामाजिक असमानताओं को समझना और दूर करना भी आवश्यक है। मानव तस्करी पर नियंत्रण और पीड़ितों के पुनर्वास को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। स्वागत भाषण सदस्य सचिव द्वारा दिया गया। दो दिवसीय यह बैठक 28 फरवरी और 1 मार्च 2026 तक विभिन्न विषयों पर पांच तकनीकी सत्रों के साथ जारी रहेगी।