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  • रांची : मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने पद्मश्री छूटनी महतो को अंगवस्त्र भेंट कर किया सम्मानित 

दीपक नाग… ✍️

#पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए छुटनी महतो ने रखी अपनी बात, मंत्री ने हरसंभव सहयोग का दिया आश्वासन।

१४ अक्टूबर  : केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने पद्मश्री से सम्मानित छूटनी महतो को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने डायन-बिसाही और अंधविश्वास के खिलाफ छूटनी महतो द्वारा चलाए जा रहे अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान, अधिकारों की रक्षा और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन की लड़ाई में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय उनके साथ है।

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि डायन-बिसाही जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ छूटनी महतो का संघर्ष साहसिक और सराहनीय है। इस कुप्रथा के कारण आज भी कई महिलाओं को प्रताड़ना, अपमान और सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के साथ पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को भी जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इसका उद्देश्य महिलाओं के सम्मान की रक्षा करना और पीड़ित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए समन्वित प्रयासों को बढ़ावा देना है।

पीड़ित परिवारों की बढ़ती उम्मीदों के बीच चुनौतियां :-

मुलाकात के दौरान पद्मश्री छूटनी महतो ने पीड़ित परिवारों की समस्याओं और अपनी परेशानियों को मंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने बताया कि पद्मश्री सम्मान मिलने के बाद लोगों की उनसे उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। कई पीड़ित परिवार उन्हें घटनास्थल पर बुलाते हैं, जबकि कुछ लोग सहायता की आस लेकर उनके घर पहुंचते हैं। इन परिवारों को उम्मीद रहती है कि छूटनी महतो उनकी समस्याओं के समाधान में मदद कर सकेंगी।

छूटनी महतो ने बताया कि सीमित संसाधनों और अपनी क्षमता के बावजूद वह जरूरतमंद परिवारों की सहायता करने का हरसंभव प्रयास करती हैं। हालांकि, पीड़ित परिवारों की बढ़ती अपेक्षाओं के बीच उन्हें कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद वह अपने स्तर से लोगों की मदद करने और उन्हें न्याय दिलाने के प्रयास में जुटी रहती हैं।

छूटनी महतो की समस्याओं और परिस्थितियों को गंभीरता से सुनने के बाद मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने उन्हें हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने अभियान को व्यापक स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए संबंधित विभागों और महिला स्वयं सहायता समूहों के साथ समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

इस अवसर पर छूटनी महतो के साथ लखाईडीह के ग्राम प्रधान कान्हू राम टुडू, अतुल चंद्र महतो, भैरव महाराज, सिद्धार्थ मार्डी और प्रभाकर उपस्थित थे।

राष्ट्रीय पहचान के बाद बढ़ीं पीड़ित परिवारों की उम्मीदें :- 

डायन-बिसाही जैसी कुप्रथा के खिलाफ छुटनी महतो के लंबे संघर्ष को पद्मश्री सम्मान के माध्यम से राष्ट्रीय पहचान मिली है। आज पीड़ित परिवार न्याय, सुरक्षा और सहायता की उम्मीद लेकर उनके पास पहुंचते हैं। ऐसे में केंद्रीय मंत्री द्वारा अभियान से विभिन्न विभागों और महिला स्वयं सहायता समूहों को जोड़ने के प्रयास का आश्वासन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इस पहल से महिलाओं के सम्मान की रक्षा, अंधविश्वास के खिलाफ सामाजिक जागरूकता बढ़ाने और पीड़ित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने के प्रयासों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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