Advertisements

पद्मश्री दिवंगत गुरु मकरध्वज दरोघा की स्मृति…..
सरायकेला : पद्मश्री दिवंगत गुरु मकरध्वज दरोघा जीवन में छऊ नृत्य की कला के प्रति समर्पित रहे. उनका जन्म 14 जनवरी 1934 को हुआ था। प्रसिद्ध कलाकार, प्रशिक्षक के रूप में ख्याति प्राप्त सरायकेला दरोघा टोला निवासी स्वर्गीय चारु चंद्र दरोघा के पुत्र श्री मकरध्वज दरोगा ने हंस, धूली खेल, पारिजात हरण जैसे उत्कृष्ट नृत्यों को भी कोरियोग्राफ किया है।
Advertisements

छऊ गुरु मकरध्वज दरोगा, जो देश-विदेश में प्रसिद्ध थे, संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली के अतिथि शिक्षक (छऊ परियोजना) भी थे। स्वर्गीय गुरु मकरध्वज दरोघा को भारत के राष्ट्रपति द्वारा वर्ष 2011 में छऊ कला के लिए पद्मश्री से अलंकृत किया गया था। 16 फरवरी 2014 को उनका निधन हो गया। आज उन्हें छऊ कला के भक्त याद करेंगे।
Related posts:

