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एमबीएनएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में सरहुल उत्सव का भव्य आयोजन, संस्कृति और प्रकृति संरक्षण का दिया संदेश


पारंपरिक सरना पूजा से हुई शुरुआत, नृत्य-नाटक और भक्ति कार्यक्रमों ने बांधा स

 

सरायकेला खरसावां जिला चाण्डिल प्रखंड के आंसनबनी स्थित एमबीएनएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में झारखंड के प्रमुख आदिवासी पर्व सरहुल का भव्य एवं उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं, प्रकृति के प्रति आस्था तथा सामूहिक जीवन मूल्यों से जोड़ना रहा। इस अवसर पर पूरे परिसर में उत्सव का माहौल देखने को मिला और छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक विधि-विधान के साथ सरना पूजा से की गई। इस दौरान साल वृक्ष की पूजा-अर्चना कर पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के संतुलन का संदेश दिया गया। सरहुल पर्व आदिवासी समाज के लिए प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रतीक है, जिसे पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है।
इस गरिमामय अवसर पर संस्थान के चेयरमैन विवेक कुमार सिंह, विशिष्ट अतिथि, राम केवल सिंह तथा निदेशक श्रीमती अनुपा सिंह की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा को और बढ़ा दिया। उनके साथ संस्थान के शिक्षकगण एवं अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक नृत्य, नाटक (ड्रामा) एवं भक्ति कार्यक्रम आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे। पारंपरिक वेशभूषा में सजे छात्र-छात्राओं ने सरहुल के लोकगीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से आदिवासी संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली।नाटक के जरिए विद्यार्थियों ने आदिवासी जीवन शैली, प्रकृति के साथ उनका गहरा संबंध, सामाजिक एकता और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति ने दर्शकों को जागरूक करने के साथ-साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी दिया।
भक्ति कार्यक्रमों के अंतर्गत विद्यार्थियों ने प्रकृति पूजा एवं सरहुल पर्व की आध्यात्मिक महत्ता को गीतों और भावपूर्ण प्रस्तुतियों के माध्यम से व्यक्त किया, जिससे पूरे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ और उपस्थित लोग भाव-विभोर हो उठे।
चेयरमैन विवेक कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सरहुल हमारी सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो हमें प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने की प्ररणा देता है। वहीं निदेशक श्रीमती अनुपा सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं और उन्हें एक जागरूक नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं।कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। शिक्षकों एवं आयोजकों ने प्रतिभागियों की सराहना करते हुए उन्हें आगे भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया।इस प्रकार एमबीएनएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस का सरहुल उत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के लिए अपनी जड़ों से जुड़ने, परंपराओं को समझने और सामूहिकता की भावना को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ।

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