सड़क पर मौत न हो,जिसे लेकर दिव्यांग जावेद ने चेन्नई से 7
हजार किलोमीटर की दुरी तय कर जागरूकता के लिए
जमशेदपुर पहुंचे, कहा की सभी चिकित्सक बने…..
जमशेदपुर:- दिव्यांग जावेद ने अपने हौसले के बल पर 30 हजार किलोमीटर की दूरी तय कर भारत में हो रहे सड़क दुर्धटना से हो रही मौत का रोकने के लिए जगरूकता को लेकर पुरे भारत का भ्रमण करते हुयें उड़ीसा के रास्ते झारखण्ड के जमशेदपुर पहुंचे ।
कहते है कि अगर इंसान के अंदर जज्बा हो तो वह क्या कुछ नही कर सकता, फिर चाहे वह दिव्यांग ही क्यों न हो. इंसानियत के संदेशों को लेकर चेन्नई से 30 हजार किलोमीटर की यात्रा पर निकले मोहम्मद जावेद करीब 7 हजार किमी का सफर तय करने के बाद जमशेदपुर पहुंचे. जहां जिला मुख्यालय के समीप मोहमद जावेद का शहर के दिव्यांगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया.
बता दें कि जावेद दोनों पैरों से दिव्यांग हैं, मगर उनके अंदर जज्बे की कोई कमी नहीं है. खास तौर से डिजाइन की गई गाड़ी से जावेद देश भ्रमण पर निकले हैं. जावेद ने 8 मार्च अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर अपनी यात्रा का शुभारंभ चेन्नई से किया था और 25 मई को बेंगलुरु में 30 हजार किलोमीटर की दूरी तय कर यात्रा का समापन करेंगे.
जमशेदपुर पहुंचने पर मोहम्मद जावेद ने बताया कि उनके यात्रा का उद्देश्य देशभर के दिव्यांगों को यह संदेश देना है, कि उनके लिए कोई भी काम असंभव नहीं है. वे खुद को अपेक्षित ना समझे, बल्कि बुलंद हौसलों के साथ लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ते रहें. केवल सरकार के भरोसे रह कर अपने अंदर छिपी प्रतिभा को कोसने की बजाय अपने लिए जीवन में लक्ष्य निर्धारित करें.जिनका मूल उद्देश्य सड़क पर दुर्घटना होने होने पर लोग जानकारी के आभाव में प्राथमिक उपचार ठीक से तत्काल नही दे पाते और घायल व्यक्ति का परेशानी बढ़ा देते है जिसको जागरूक करने और दुर्घटना के समय ठीक प्राथमिक उपचार देकर पीड़ित की जान बचाया जा सकता है ।
इस उद्देश्य के देश भर के भ्रमण पर निकले जाबेद भाई के जस्बे को सलाम । वही मिडिया से बात करते हुये जावेद ने बताय की सड़क दुर्घटना के समय लोगों के अफरा तफरी में पिड़ित की जान चले जाती है । ऐसे में आम जन को भी प्राथमिक उपचार की और जागरूक करने की जरूरत है । अखिल भारतीय पूर्व सैनिक के जमशेदपुर ईकाइ ने मोहमद जावेद का गर्म जोशी से स्वागत किया और उनके जज्बा के सलाम किया ।
