
ईडी के समन पर मुख्यमंत्री नहीं पहुंचने पर भाजपा के प्रदेश
प्रवक्ता ने लिया आड़े हाथ कहा कि आप ईमानदार है तो ईडी के
समन का सम्मान करना चाहिये, ईडी देश का संवैधानिक एजेंसी
है….
रांची ब्यूरो (सुषमा ) : झारखण्ड में ईडी के कार्रवाही से राजनेता सहीत पदाधिकारी खौफ में है । साहेबगंज में ईडी कार्रवाही करते हुये पंकज मिश्रा के पास से 1000 करोड़ राशि के साथ खनन मामले में कई मुख्य कागजात भी ईडी ने बरामद किया और पंकज मिश्रा को मुख्य आभियुक्त बना । जिसे लेकर राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 3 नचम्बर तारिख को पुछताछ के लिए समन भेजा था । वही मुख्यमंत्री कार्यालय से ईडी को पत्र भेजा जिस में विघान सभा का सत्र 15 नम्बर तक कार्य की व्यस्थता को बताया और तीन सप्ताह की समय मांगा गया है ।

वही हेमंत सोरेन के मांगे गये समय को लेकर भाजपा प्रदेश के प्रवक्ता प्रतुल शहदेव मुख्यमंत्री को आड़े हाथ लेते हुये कहा- हेमंत सोरेन एक संवैधानिक पद पर रहते हुये । देश के संवैधानिक एजेंसी ईडी की समान्न करनी चाहिये । यदी आप ईमानदार हैं तो ईडी की कार्रवाही से डर क्यों । वही उन्होंने कहा कि जब-जब ईडी अपनी कार्रवाही तेज करती है तो मुख्यमंत्री अपनी विधान सभा की विशेष सत्र बुलाकर कार्रवाही को स्थिल करना चहते है । प्रतुल सहदेव ने कहा की मुख्य मंत्री ई डी से बचना चाहते हैं उसकी मनसा है कि ई डी समनों द्वारा किसी भी कार्य से किस तरह बचा जाए। जो एक दुर्भाग्य की बात है मंत्री जी को ई डी के साथ सहयोग करना चाहिए था परंतु वे उसके विपरित कार्य करते नजर आ रहें है…वही बता दे कि मुख्य मंत्री को 3 नवंबर को ई डी द्वारा समन जारी किया गया एवं पूछताछ के लिए कार्यलय बुलाया गया था, जिसके तुरंत बाद विधान सभा के कार्य 15 नवंबर तक का कार्यक्रम का हवाला देते हुये तीन सप्ताह का समय मांगा है । …
वही सीएम हेमंत सोरेन ने कहा- कि भाजपा सरकार कभी नहीं चाहती है कि यहां के आदिवासी-दलीत भी आगे बढ़े और अब ये वर्ग अपनी ताकत का एहसास दिखा रही है तो वे इन्हें कुचलना चाहती है। इसलिए मुझे कभी सीबीआई तो कभी ईडी का डर दिखा रहे है….
ईडी इसपर जल्द ही फैसला लेगी…
मुख्यमंत्री के द्वारा पत्र भेज कर तीन सप्ताह का समय मांगा है । संभावना है की इस बार ईडी कड़ा रैवया के साथ तय करेंगी की मुख्यमंत्री को समय देना है कि नही ।

