
मनरेगा कर्मियों के हित में नहीं हो रहा झारखंड में कार्य: संघ…
सरायकेला: संजय मिश्रा : झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के बैनर तले जिले के मनरेगा कर्मियों का लगातार दूसरे दिन सांकेतिक हड़ताल जारी रहा। वादा निभाओ स्थाई करो सत्याग्रह अभियान के तहत स्थायीकरण की मांग को लेकर जिले के लगभग 200 मनरेगाकर्मी गुरुवार से सांकेतिक हड़ताल पर हैं। मनरेगाकर्मियों ने कहा कि अगर मनरेगा कर्मी की मांगों पर सकारात्मक पहल नही किया जाता है तो 22 जुलाई से मनरेगा कर्मी अनिश्चीतकालीन हड़ताल में जाएंगे।

झारखंड राज्य में ग्रामीण विकास विभाग की अति महत्वाकांक्षी योजना मनरेगा के क्रियान्वयन में राज्य के मनरेगा कर्मी विगत 17 वर्षों से अल्प मानदेय में राज्य के उत्थान के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। मनरेगा कर्मियों को सरकार की ओर से अल्प मानदेय के अलावा अन्य कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाती है। समय-समय पर कर्मियों ने अपने हक अधिकार वह उचित मांगों के लिए सरकार के समक्ष अपनी पीड़ा को व्यक्त किया है। मनरेगा कर्मियों ने कहा कि देश के अन्य राज्यों में मनरेगा कर्मियों के हित में कई काम किए गए हैं। हिमाचल प्रदेश एवं राजस्थान में मनरेगा कर्मियों को स्थाई कर दिया गया है, उड़ीसा में स्थाईकरण की प्रक्रिया चल रही है। इसके साथ-साथ अन्य राज्यों में संतोषजनक मानदेय के साथ वार्षिक वृद्धि का प्रावधान किया गया है।
झारखंड राज्य में सचिवालय में कार्यरत मनरेगा कर्मियों को ग्रेड पे दिया जा रहा है। किंतु राज्य के अन्य मनरेगा कर्मियों के लिए सरकार की ओर से कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है। मनरेगाकर्मियों ने मुख्यमंत्री से झारखंड राज्य के मनरेगा कर्मियों की सेवा शर्त नियमावली में सुधार करते हुए सेवा स्थाईकरण एवं वेतनमान का प्रावधान किए जाने की मांग की है। मौके पर जिलाध्यक्ष शंकर सतपथी, अनिल मुर्मु, जॉन पीटर बागे, मनोज तियु सहित कई मनरेगा कर्मी मौजूद रहे।

