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व्यवहार न्यायालय रांची का निरीक्षण, जेल अदालत का सफल आयोजन — 6 बंदी रिहा

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Arjun Kumar…..✍️

रांची । झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने 14 मार्च 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर व्यवहार न्यायालय, रांची का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एमएसीटी वादों से संबंधित मामलों में मोटर वाहन दुर्घटना अधिनियम के तहत पीड़ितों के बीच मुआवजा राशि के चेक का वितरण भी किया गया। इस दौरान न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1 से न्यायालय के सुचारू संचालन को लेकर संवाद करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसी क्रम में 15 मार्च 2026 को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में जेल अदालत का आयोजन किया गया। जेल अदालत में कुल 16 मामलों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिनकी सुनवाई के उपरांत 6 बंदियों को राहत देते हुए रिहा किया गया । जेल अदालत के दौरान बंदियों के लिए तैयार किए जा रहे शाम के भोजन का निरीक्षण उपस्थित न्यायिक पदाधिकारियों द्वारा किया गया। भोजन की गुणवत्ता की जांच के लिए अधिकारियों ने स्वयं भोजन का स्वाद लेकर संतुष्टि व्यक्त की। बंदियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विशेष मेडिकल जांच शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में बंदियों ने अपने स्वास्थ्य की जांच कराई। साथ ही विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर बंदियों को उनके अधिकारों एवं निःशुल्क विधिक सहायता से संबंधित जानकारी दी गई। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एस.बी. शर्मा तथा डालसा सचिव राकेश रौशन ने बंदियों की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान के लिए आवश्यक पहल की। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची द्वारा जरूरतमंद बंदियों से निःशुल्क विधिक सहायता (लीगल-एड) हेतु आवेदन भी प्राप्त किए गए।
जेल अदालत में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एस.बी. शर्मा, डालसा सचिव राकेश रौशन, न्यायिक दंडाधिकारी अर्चना कुमारी, सार्थक शर्मा, रितविका सिंह, एलएडीसी सदस्य, जेल अधीक्षक, कारापाल एवं अन्य कारा कर्मी उपस्थित थे।
इस संबंध में जानकारी डालसा सचिव राकेश रौशन द्वारा दी गई।

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