
वित्तीय प्रबंधन पर राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित, वित्तीय पारदर्शिता व जवाबदेही पर दिया गया जोर


Arjun Kumar…..✍️
रांची । झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के तत्वावधान में शनिवार को न्याय सदन, डोरंडा स्थित झालसा सभागार में “जिला विधिक सेवा प्राधिकार में वित्तीय कौशल को बेहतर बनाने के लिए” विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की वित्तीय प्रबंधन संबंधी दक्षता को सुदृढ़ करना था।
कार्यक्रम का उद्घाटन झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश-सह-कार्यकारी अध्यक्ष, झालसा न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद तथा झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अनिल कुमार चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यशाला में सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकारों के सचिव, लेखा कार्य से जुड़े कर्मचारी, मीडिया प्रतिनिधि एवं अन्य हितधारक उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने कहा कि किसी भी संस्था की प्रगति और जनविश्वास का आधार उसके वित्तीय संसाधनों का पारदर्शी, जवाबदेह एवं नियमसम्मत प्रबंधन है। उन्होंने बजट निर्माण, व्यय प्रबंधन तथा सामान्य वित्तीय नियमों के अक्षरशः पालन पर बल देते हुए कहा कि डीएलएसए के सचिव वित्तीय प्रबंधन की रीढ़ हैं। उन्होंने निधियों के उपयोग में पारदर्शिता बनाए रखने, सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बिना मद परिवर्तन नहीं करने तथा प्रत्येक व्यय का विधिवत अभिलेख एवं वाउचर सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। उन्होंने पैरा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) एवं मध्यस्थों के मानदेय का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की आवश्यकता भी बताई। विशिष्ट अतिथि न्यायमूर्ति अनिल कुमार चौधरी ने कहा कि सार्वजनिक धन का उपयोग करने वाले प्रत्येक विभाग एवं संस्था के लिए वित्तीय अनुशासन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि न्यायिक एवं प्रशासनिक दायित्वों के प्रभावी निर्वहन के लिए वित्तीय नियमों की जानकारी अनिवार्य है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कार्यशाला प्रतिभागियों को वित्तीय प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की व्यावहारिक समझ प्रदान करेगी। उद्घाटन सत्र के दौरान झालसा न्यूजलेटर (अप्रैल-जून 2026) का विमोचन किया गया। साथ ही बिरसा कॉलेज, खूंटी के उन छात्रों को सम्मानित किया गया, जिन्हें नालसा द्वारा तैयार की गई रील के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोत्तम पुरस्कार प्रदान किया गया। कार्यक्रम में स्वागत भाषण रंजना अस्थाना, सदस्य सचिव, झालसा ने दिया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन अभिषेक कुमार, उप निबंधक-सह-उप सचिव, झालसा ने किया। कार्यशाला में तीन तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें अकाउंटिंग बुक्स एवं रजिस्टर का रखरखाव, डीएलएसए की परिसंपत्तियों का प्रबंधन, PFMS एवं GeM पोर्टल का उपयोग तथा झारखंड के डीएलएसए के छमाही कार्यों की समीक्षा जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई।
तकनीकी सत्रों में फैजान अहमद (पूर्व वरिष्ठ डीएजी, झारखंड), अजय कुमार (पूर्व वरिष्ठ डीएजी, झारखंड), कुणाल चौरसिया (सलाहकार, GeM), विजय वर्धन (वरिष्ठ लेखा अधिकारी), संदीप कुमार रॉय (सहायक लेखा अधिकारी), विकाश रवानी (वरिष्ठ तकनीकी सहायता इंजीनियर) तथा करन कुमार (तकनीकी सहायता इंजीनियर) ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में अपने विचार साझा किए। कार्यशाला के अंतिम सत्र की अध्यक्षता सदस्य सचिव रंजना अस्थाना ने की।

