












तिरंगा यात्रा में गूँजा देशभक्ति का भाव, विद्यार्थियों ने दिया राष्ट्रप्रेम और एकता का संदेश







Arjun Kumar….✍️
नामकुम(राँची)। सरला बिरला पब्लिक स्कूल एवं सरला बिरला यूनिवर्सिटी, राँची के संयुक्त तत्वावधान में स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा में सरला बिरला पब्लिक स्कूल, सरला बिरला यूनिवर्सिटी, उत्क्रमित विद्यालय तथा महादेवी बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड क्लिनिकल टेक्नोलॉजी के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं नर्सिंग विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया । हाथों में तिरंगा लेकर विद्यार्थी आरा चौक की ओर आगे बढ़े। इस दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष से पूरा वातावरण देशभक्ति से ओत-प्रोत हो गया। लहराते तिरंगों और विद्यार्थियों के जोशीले नारों ने यात्रा को राष्ट्रप्रेम, एकता और राष्ट्रीय गौरव के जीवंत उत्सव में बदल दिया । कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा, भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, सरला बिरला विश्वविद्यालय के महानिदेशक प्रो. (डॉ.) गोपाल पाठक, कुलपति प्रो. (डॉ.) सी. जगन्नाथन, कुलसचिव प्रो. एस. बी. दांडिन, सरला बिरला पब्लिक स्कूल की प्राचार्या मनीषा शर्मा तथा राँची जिला पूर्वी जिला अध्यक्ष विनय महतो धीरज उपस्थित रहे। तिरंगा यात्रा को संबोधित करते हुए डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को स्मरण करते हुए युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ और तिरंगा यात्रा जैसे कार्यक्रम युवाओं एवं समाज में राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करते हैं । कर्मवीर सिंह ने कहा कि तिरंगा हमारी राष्ट्रीय अस्मिता और गौरव का प्रतीक है। तिरंगा यात्रा का उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रभक्ति, कर्तव्य और जिम्मेदारी की भावना को जागृत करना है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए विकसित एवं सशक्त भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया । इस अवसर पर विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं उपस्थित नागरिकों ने देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया। तिरंगा यात्रा ने स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को स्मरण करते हुए राष्ट्र के प्रति नागरिकों के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का संदेश दिया।






