
गम्हरीया : गम्हरीया थाना में महिला से दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला
रिर्पोट – जगबंधु महतो
रक्षक ही बने भक्षक! थाना परिसर में महिला से दुष्कर्म के आरोप ने पुलिस महकमे में मचाया हड़कंप, एसआईटी जांच में तीन पुलिसकर्मी गिरफ्तार
जिस पुलिस थाने में एक महिला अपनी सुरक्षा और न्याय की उम्मीद लेकर पहुंची थी, वहीं उसके साथ दुष्कर्म की घटना ने पूरे पुलिस महकमे को कठघरे में खड़ा कर दिया है। सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर में महिला से दुष्कर्म के गंभीर आरोप में पुलिस ने वायरलेस ऑपरेटर समेत तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, ड्यूटी में लापरवाही और महिला की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करने के आरोप में नौ अन्य पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने 31 अक्टूबर को लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि 29 अक्टूबर की शाम पति से विवाद के बाद मारपीट के डर से वह घर छोड़कर निकली थी। पड़ोस की एक महिला की मदद से उसने पुलिस को फोन किया। इसके बाद पीसीआर वाहन से रात करीब 12 बजे उसे गम्हरिया थाना लाया गया।
आरोप है कि थाने में तैनात एक पदाधिकारी ने उसे बगल के कमरे में आराम करने को कहा। इसी दौरान वायरलेस ऑपरेटर आरक्षी नीरज लकड़ा ने कथित तौर पर उसके साथ दुष्कर्म किया।
शिकायत के आधार पर गम्हरिया थाना कांड संख्या 86/26, दिनांक 31 अक्टूबर 2026 को बीएनएस की धारा 64(2)(a)/68 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीपीओ के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई। जांच में पु० अ० नि० मनोज कुमार साहू और आरक्षी संतोष कुमार राय की संलिप्तता सामने आने के बाद दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
इधर, एसडीपीओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर अजय पासवान, ललन रविदास, विशु उरांव, मुकेश कुजूर, मुकेश रविदास, सीताराम सिंह पाहन, पिताम्बर महतो, बहादुर हांसदा और मनोज गोराई को निलंबित कर पुलिस केंद्र सरायकेला भेज दिया गया है।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। अब मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में पुलिस की आगे की कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
