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गम्हरिया कांड पर भाजपा के आरोपों का सन्नी सिंह ने दिया जवाब, बोले- कार्रवाई के बावजूद सरकार को निशाना बनाना राजनीतिक दोहरापन

 

 

रिपोर्टर : जगबंधु महतो

 

 

महिला सुरक्षा पर सियासत नहीं, पीड़िता को न्याय मिले; झामुमो नेता ने भाजपा शासित राज्यों की घटनाओं का दिया हवाला

 

 

सरायकेला/ गम्हरिया : सरायकेला – खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर में महिला के साथ कथित दुष्कर्म की घटना को लेकर झारखंड की सियासत गरमा गई है। भाजपा की ओर से हेमंत सोरेन सरकार पर लगातार उठाए जा रहे सवालों के बीच झामुमो युवा नेता सन्नी सिंह ने पलटवार करते हुए भाजपा के राजनीतिक रवैये पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि महिला के साथ हुई घटना बेहद गंभीर और निंदनीय है। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए, लेकिन इस संवेदनशील मामले को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है।

 

सन्नी सिंह ने सरायकेला-खरसावां के एसपी मनोज स्वर्गीयारी की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि मामले में आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी, थाना प्रभारी समेत 15 पुलिसकर्मियों का निलंबन और एसआईटी का गठन पुलिस प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है। उन्होंने सवाल किया कि जब पुलिस प्रशासन अपने ही विभाग के कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, तो भाजपा किस आधार पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगा रही है?

 

झामुमो नेता ने भाजपा शासित उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, असम, हरियाणा और महाराष्ट्र के कुछ पुराने मामलों का हवाला देते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों पर यौन अपराध के आरोप अलग-अलग राज्यों में सामने आते रहे हैं। उन्होंने ललितपुर, रीवा और अन्य घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं के आधार पर किसी एक मुख्यमंत्री या पूरी सरकार को व्यक्तिगत रूप से दोषी ठहराना उचित नहीं है।

 

सन्नी सिंह ने चर्चित उन्नाव दुष्कर्म कांड में भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर का नाम आने का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या उस मामले के आधार पर पूरे भाजपा संगठन को दोषी ठहराया जा सकता है?

 

उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा किसी राजनीतिक दल की जागीर नहीं है। गम्हरिया मामले में निष्पक्ष जांच हो, पीड़िता को न्याय मिले और दोषियों को कड़ी सजा मिले। साथ ही उन्होंने पुलिस प्रशासन के उन अधिकारियों का मनोबल बढ़ाने की अपील की, जो अपने ही विभाग में गलत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं।