
पितकी फाटक पर 36 घंटे का महाजाम-आम जनता की जीवन रेखा पर गहरा घाव’, सांसद–विधायक की चुप्पी से नाराज़ लोग

चांडिल : पितकी रेलवे फाटक पर बीते 36 घंटे से जाम की भयावह स्थिति ने स्थानीय लोगों की दैनिक जीवनरेखा को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। एनएच–18 पर वाहनों का दबाव सामान्य से दोगुना हो चुका है, लेकिन सड़क के साथ निर्माणाधीन रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) का धीमा निर्माण पितकी और जामडीह दोनों फाटकों को स्थायी जाम पॉइंट में बदल चुका है।
स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों, मरीजों को ले जा रही एम्बुलेंसों और आम यात्रियों की परेशानी चरम पर है। लोग घंटों फंसे रहते हैं-मानो यह सड़क नहीं, बल्कि ‘यातना गलियारा’ बन गई हो।
शनिवार से शुरू हुआ जाम रविवार देर रात तक कम नहीं हुआ। पितकी फाटक के दोनों ओर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे बाइक, कार, बस, ट्रक सभी वाहनचालकों को भारी जद्दोजहद का सामना करना पड़ा। एनएच-18 झारखंड की आर्थिक धुरी मानी जाती है, जो जमशेदपुर समेत पूरे कोल्हान क्षेत्र को बोकारो, गिरिडीह, धनबाद और पश्चिम बंगाल के पुरुलिया, आसनसोल, दुर्गापुर जैसे औद्योगिक शहरों से जोड़ती है। प्रतिदिन दस हजार से अधिक वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, जिनमें भारी औद्योगिक मालवाहक भी शामिल होते हैं।
इसके बावजूद न केंद्र सरकार, न राज्य सरकार और न ही स्थानीय जनप्रतिनिधि इस विकराल समस्या के समाधान के प्रति संजीदा दिखते हैं।
स्थानीय नागरिकों का स्पष्ट कहना है-यदि क्षेत्र के सांसद और विधायक इच्छाशक्ति दिखाएं, तो आरओबी निर्माण कार्य सप्ताहों में नहीं, बल्कि दिनों में तेज किया जा सकता है और यह ‘जाम का फंदा’ हमेशा के लिए खत्म हो सकता है।
अब जनता सवाल पूछ रही है
क्या आर्थिक धुरी पर लगा यह महाजाम हटने तक जनप्रतिनिधियों की चुप्पी यूं ही बनी रहेगी?
Vananchal24tv live के लिए चांडिल संवाददाता की रिपोर्ट

