
आधुनिक फिश फॉर्मिंग हब की सरायकेला में हुई शुरुआत, मछली पालन बनेगा आय का जरिया — गांव में लौटी खुशहाली

रिपोर्टर – जगबंधु महतो
गम्हरिया(सरायकेला) : ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में सरायकेला जिले के हाथीमारा गांव में एक बड़ी पहल की शुरुआत हुई है। लगभग 3 करोड़ 68 लाख रुपये की लागत से बनने वाला अत्याधुनिक फिश फॉर्मिंग हब न केवल गांव की तस्वीर बदलने जा रहा है, बल्कि 125 परिवारों के जीवन में नई रोशनी लेकर आया है।
यह परियोजना प्रधानमंत्री धनधान्य कृषि योजना के तहत आदित्यपुर निवासी उद्यमी मनोज कुमार द्वारा शुरू की गई है। इसका उद्देश्य ग्रामीण किसानों की आय बढ़ाना और मत्स्य पालन को टिकाऊ आजीविका के रूप में विकसित करना है।
उद्यमी मनोज कुमार ने हाल ही में 12 अक्टूबर को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर इस परियोजना की रूपरेखा साझा की थी। रविवार को दीपावली के मौके पर गांव में ग्रामीणों के साथ उत्सव मनाया गया, जिसमें धोती, साड़ी और मिठाइयों का वितरण कर लोगों की खुशियों में सहभागी बने।
यह परियोजना सुरदीप नेचुरल फिशिंग एंड इको टूरिज्म कंपनी द्वारा संचालित की जाएगी। 14 एकड़ में फैले इस हब में 10 एकड़ तालाब क्षेत्र में आधुनिक तकनीक से मछली पालन किया जाएगा, जबकि 4 एकड़ क्षेत्र में प्रसंस्करण, भंडारण और विपणन से जुड़ी गतिविधियां होंगी।
इससे ग्रामीणों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे और जिले के मत्स्य उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।
जिला प्रशासन और मत्स्य विभाग किसानों को तकनीकी सहयोग व प्रशिक्षण भी दे रहे हैं।
हाथीमारा में शुरू हुआ यह फिश फॉर्मिंग हब न सिर्फ गांव, बल्कि पूरे सरायकेला जिले को मत्स्य पालन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने वाला साबित हो सकता है।

