Advertisements
Spread the love

आप पार्टी के खरसावां विधानसभा संयोजक बिरसा सोय ने शेयर किया दर्द…

दुनिया में सबसे अधिक खनिज संपदा का भंडार झारखंड में मौजूद है; इसके बाबजूद भी झारखंडी गरीबी की जिंदगी जीने को विवश हैं: बिरसा सोय…

संजय मिश्रा सरायकेला:

सरायकेला। झारखंड के खनिज संसाधन राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए एक प्रमुख संपत्ति हैं। हजारों लोग रोजगार प्रदान की क्षमता रखते हैं और राज्य सरकार के लिए राजस्व उत्पन्न करते हैं। उक्त बातें कहते हुए आम आदमी पार्टी के खरसावां विधानसभा संयोजक बिरसा सोय ने कहा कि भारत में कोयला, अभ्रक, कायनाइट और तांबे के उत्पादन में झारखंड सभी राज्यों में पहले स्थान पर है, जो इन खनिजों में इसके प्रभुत्व को उजागर करता है।

Advertisements

लौह अयस्क और बॉक्साइट जैसे अन्य आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण खनिजों के बड़े भंडार भी झारखंड में पाए जाते हैं। राज्य में भविष्य में कीमती खनिजों और धातुओं जैसे सोना, चांदी और आधार धातुओं के साथ-साथ कीमती पत्थरों की खोज और दोहन की क्षमता है। ऐसे खनिजकरण के लिए भूवैज्ञानिक परिस्थितियाँ अनुकूल हैं। खनन उद्योग झारखंड में आर्थिक विकास का चालक है।

उद्योग नौकरियां प्रदान करता है, राजस्व उत्पन्न करता है और निवेश आकर्षित करता है। झारखंड बड़ी मात्रा में खनिजों का निर्यात करता है। खनिजों का निर्यात राज्य की विदेशी मुद्रा आय में योगदान देता है। यहाँ भारत में उत्पादित कुल खनिजों का लगभग 40% उत्पादन होता है। यहाँ पाये जाने वाले खनिजों की संख्या 30 से भी अधिक है। इनमें से लगभग 16 प्रकार के खनिजों का उत्पादन भी हो रहा है।

यहाँ के अर्थव्यवस्था का मूल आधार खनिज पदार्थ एवं उन पर निर्भर उद्योग-धंधे हैं। देश के कुल खनिज सम्पदा का एक चौथाई से ज्यादा भाग इस राज्य के गर्भ में समाहित है। खनिज संसाधनों की प्रचुरता के कारण झारखण्ड राज्य की भूमि को ‘रत्नगर्भा’ कहा जाता है। झारखण्ड का छोटानागपुर का पठार भारत का सर्वाधिक खनिज सम्पदा सम्पन्न क्षेत्र है।

खनिजों से समृद्ध होने के कारण ही इस क्षेत्र को भारत का रूर क्षेत्र कहा जाता है। खनिज सम्पदा के क्षेत्र में दुनिया में अपना डंका बजाने वाला राज्य झारखंड की जनता आज अलग राज्य बनने के 23 साल के बाद भी गरीबी और भूखमरी की जिंदगी जीने को विवश हैं, रोजगार के लिए अन्य राज्यों में पलायन कर रहे हैं। जिस राज्य के विधायक और सांसद आज करोड़ों का मालिक बन चुके हैं।

लेकिन जिन आम जनता के बहुमूल्य वोट पर विधायक और सांसद बनते हैं वही आम जनता आज गरीबी और भुखमरी की जिंदगी जी रहे हैं। झारखंड के विधायक और सांसदों के भाषण में 10 प्रतिशत भी सच्चाई नहीं होने के कारण ही आज झारखंडियों का यह दुर्दशा है। इसे ठीक करने के लिए राज्य में ईमानदार सरकार बनाने की जरूरत है ताकि राज्य की जनता अपने ही राज्य में ईमानदार से अपनी जिंदगी जी सकें।