जिला परिवहन विभाग फिर चला पुराने राहों पर, बिना टेस्ट दिये
लाइसेंस तैयार, किये गये है दर निर्धारित, कैसे होगी दुर्घटना पर
नियंत्रण, आमजन जीवन भ्रष्ट्राचारियों के हाथों …..
आदित्यपुर (ए के मिश्रा) लगातार झारखण्ड में ईडी और एसीबी की छापामारी के बाद भी पदाधिकारीयों और कर्मचारीयों में भय देखने को नहीं मिल रहा है । ऐसे में मंत्री के गृह जिला और खुद के विभाग के पदाधिकारीयों में ईडी और एसीबी का डर और खौफ नहीं होने के कारण जिला परिवहन विभाग कार्यालय में पूर्व की तरह भ्रष्ट्राचार का खेल खेला है। कुछ वर्षों पहले जिला परिवहन विभाग में वह भ्रष्ट्राचार का दौर चला था। जब जिला परिवहन विभाग के कार्यालय के डॉक्यूमेंट कार्ड पेपर लाइसेंस कार्यालय के बाहर घरों में छापामारी कर पकड़े गए थे, और इस मामले में एफ आई आर भी दर्ज किए गए थे।
उस वक्त जिला परिवहन कार्यालय सरायकेला खरसावां प्रशासनिक राजनीतिक गलियारों मे भ्रष्टाचार की खूब वाह वाही बटोर रहा था । आज सरायकेला खरसावां जिला राज्य के परिवहन मंत्री माननीय चंपाई सोरेन के गृह जिला है। माननीय परिवहन मंत्री के गृह जिला का परिवहन विभाग सरायकेला खरसावां भ्रष्ट्राचार की गहरी पैठ में डूबता जा रहा है। प्राप्त जानकारी एवं चर्चाओ के अनुसार बिना टेस्ट लिए पास करना तो 2000 से 2500 रुपए लेना, लर्निंग लाइसेंस के लिए 500 से 800 तक रुपए लेने, आरसी और गाड़ी के हस्तांतरण में भी मुहॅमांगी राशि मांगी जाती है और कई भ्रष्ट्राचार कार्यलय में खेल-खेला जा रहा है।
इस पूरे प्रकरण पर संवाददाता ने जिला परिवहन पदाधिकारी से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया परंतु फोन रिसीव नहीं हो पाने के कार संपर्क नहीं हो पाया। वहीं राज्य के जेटीसी से संवाददाता ने दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया । परंतु जेटीसी के द्वारा भी फोन रिसीव नहीं किया गया। जब परिवहन सेक्रेटरी झारखंड से जानकारी के लिए संवाददाता ने दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया परंतु ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी द्वारा भी फोन रिसीव नहीं किया गया। समाचार लिखे जाने तक ट्रांसपोर्ट विभाग के किसी अधिकारी से संपर्क नहीं हो पाया। वहीं सीएमओ कार्यालय के एक अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारी को जानकारी देते हुए करवाई की बातें कहीं ।
सरायकेला खरसावां जिले का जिला परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार की चर्चाएं सरेआम होने लगी है। देखना यह है कि अब यह राज्य के माननीय परिवहन मंत्री चंपाई सोरेन इस मामले पर कोई ठोस कदम उठाते है या भ्रष्ट्राचार यूं ही चलता रहेगा या भ्रष्ट्राचार खत्म होगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
