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सिलवे पंचायत के उलातू पाहन टोली और गढ़हा टोली को जोड़ने वाली पुल और सड़क निर्माण में उडी गुणवत्ता की धज्जी… आरती कुजूर

Arjun Kumar….✍️

नामकुम(राँची) । कई दशकों तक बरसात के दिन में टापू का जीवन जीने वाले गढ़हा टोली और सुदकी सूद गढ़हा जो कि पूर्णतः आदिवासी गांव है, इस गांव के लोगों का कई वर्षो से पुल और सड़क को जोड़ने की मांग की थी l कई वर्षो के बाद पुल और सड़क का निर्माण शुरू हुआ, शुरुआत से ही निर्माण कर रही एजेंसी को एस्टीमेट का कॉपी मांगने पर ठेकेदार और जे ई देने का बात तो करती है किन्तु कभी दिया नहीं, लोगों का आक्रोश तब फुट पड़ा जब निर्माण साईट पर काम करने वाले स्थानीय सावना मुंडा की संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गयी, लेकिन निर्माण कंपनी वहाँ के इंजिनियर और अन्य पदाधिकारियों की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई,सांसद सह केंद्रीय मंत्री  संजय सेठ  के हस्तक्षेप पर सावना मुंडा की मौत और सड़क व पुल निर्माण में गुणवत्ता सुधारने, जनप्रतिनिधि और अगुवा गणों को एस्टीमेट का कॉपी देने, पुल से शमशान घाट जाने के लिए कनेक्टिंग सड़क निर्माण, गार्डवाल के निर्माण में अनियमितता को दूर करने की बात हुई तथा जब भी पुनः काम शुरू हो तो स्थानीय जनप्रतिनिधि को सूचित करके प्रारम्भ करने की बात हुई थी किन्तु ठीकेदार और इंजिनियर ने गांव वालों के साथ धोखा करते हुए बिना सूचना के काम शुरू करने से नाराज होकर कार्य स्थल पहुंचे और एस्टीमेट देने, गुणवत्ता सुधारने,की बात को लेकर विरोध स्वरुप पहुंचे और अगर अब भी ये लोग नहीं सुधरे तो उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गयी, मौके पर  आरती कुजूर,  राजू तिर्की, पाको मुंडा, बाबूराम मुंडा, आईटी तिर्की, प्रमिला देवी, पुष्पा देवी, सहोदरा देवी, फूलमनी देवी स्वेता मुंडा, मंटू उराव, पुनिया देवी,रमेश तिर्की सहित कई लोग उपस्थित थे ।