
चाकुलिया: प्रथम एजुकेशन फाऊंडेशन द्वारा आयोजित समर कैंप का फीता काटकर विधायक समीर महंती ने किया विधिवत उद्घाटन
संवाददाता: विश्वकर्मा सिंह
शिक्षा के क्षेत्र में पूरे भारत में काम करने वाली संस्था प्रथम एजुकेशन फाऊंडेशन के द्वारा झारखंड के सभी गांव में समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है. इस दौरान बहरागोड़ा विधानसभा क्षेत्र के चाकुलिया प्रखंड के रेंगड़पाहाड़ी विद्यालय में विधायक समीर मोहंती ने समर कैंप कार्यक्रम का फीता काटकर विधिवत उद्घाटन किया. इस कार्यक्रम के पूर्व विधायक समीर मोहंती को गांव के बच्चों ने अपने हाथों से बना कर लाएं गुलदस्ता भेंट किया. इस दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के कार्य सराहनीय है. गर्मी की छुट्टी में जब लोग छुट्टियां मना रहे होते हैं ऐसे समय में भी यह संस्था अपने विभिन्न जरूरी कार्यों के साथ-साथ बच्चों की बुनियादी क्षमता को विकसित करने के उद्देश्य से समर कैंप का आयोजन कर अत्यंत सराहनीय काम किया है. उन्हों ने कहा कि पढ़ाई की क्षमता को विकसित करने का उद्देश्य समर कैंप से अवश्य पूरा होगा.


कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित प्रखंड प्रमुख धनंजय करुणामय ने कहा कि उनके निजी गांव से समर कैंप का उद्घाटन करना गौरवांवित करने वाला पल है जो समर कैंप की शुरुआत हुई है. उन्होंने कहा कि यह काफी सकारात्मक सोच है इससे गांव के बच्चों को अवश्य फायदा मिलेगा.

समर कैंप उद्घाटन के दौरान प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के की ओर से संतोष कुमार राकेश सिंह एवं ज्योति कुमारी मौजूद थे. संस्था के सदस्यों ने बताया कि असर सर्वे में यह बात सामने आई है कि झारखंड के स्कूलों के पांचवी और छठी कक्षा के बच्चे दूसरी और तीसरी कक्षा की हिंदी किताब को धारा प्रवाह के साथ नहीं पढ़ पाते हैं. झारखंड सरकार के शिक्षा विभाग की पहल पर बच्चों में पढ़ाई की क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम को धरातल पर लाया गया है.

इस मौके पर प्रथम एजुकेशन के वोलेंटियर शिक्षक बैद्यनाथ माहाली, ग्रामप्रधान हरेन माहाली, मिथुन कर,प्रवीर माहाली, शत्रुघ्न माहाली, रवीन्द्र माहाली, असित कुमार करुणामय, तपन कुमार बेसरा, धरनी करुणामय, जादूनाथ माहाली, अरूण माहाली, खगेश्वर माहाली, कुनी माहाली, दीपाली माहाली, मिला माहाली, सरस्वती माहाली, निलमनी माहाली, विशखा माहाली, सावित्री मुर्मू, चम्पा गोप, विशखा गोप, यशोदा गोप, फूलमनी सोरेन, सोनामनी सोरेन, उमा महतो, बुलबली महतो, छिता सोरेन, टुसिया माहाली, मामनी माहाली, अनिमा माहाली आदि अभिभावक और ग्रामीण उपस्थित थे.

