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प्रकृति अपनी पुरानी परिवेश के वदलाव के साथ मानवजीवन का

संचार ही सरहुल की पहचान है…. ओम लायेक

चाण्डिल (विद्युत महतो ) चांडिल प्रखंड अंतर्गत रसुनिया पंचायत के ग्राम हाथीनादा में आयोजित सरहुल पर्व का भव्य आयोजन किया गया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चाण्डिल जिला पार्षद ओम लायेक थे ।

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चुकि पीछले 27 दिनों से टाईफाईड संक्रमण से ग्रस्त होने के कारण कार्यक्रम में भाग नहीं ले सके । जिसे लेकर ओम लायेक ने कमिटी से क्षमा मांगते हुये अपना प्रतिनिधि मण्डल शिव शंकर लायेक और राहुल वर्मा कार्यक्रम भाग लियें । वही ओम लायेक ने कहा की सरहुल प्रकृति पर्व है जो की वसंत के आगमन का सूचक है । इस दिन पेड़ पौधे पतझड़ में अपनी पुरानी पत्तियों को गिरा कर नई-नई पत्तियों और फूलों का श्रृंगार करते है, इस प्रकार सखुआ के फूलों की क्रांति के साथ सरहुल मनाते है ।

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