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उप राजधानी दुमका में एन जी टी के निर्देशों का खुलेआम उल्लंघ

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संवाददाता : मौसम गुप्ता 

दुमका : उपराजधानी दुमका के रेलवे स्टेशन पर बने कोयला डंपिग यार्ड से एनजीटी के निर्देशों का घोर उल्लंघन किया जा रहा है। इस मामले में राज्य प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड की भूमिका संदिग्ध है। यार्ड के विरोध में विगत पांच वर्षों से लगातार धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन से लेकर प्रधानमंत्री से भी दुमका रेलवे स्टेशन पर बने कोयला डंपिग यार्ड को हटाने की मांग किया गया है। बावजूद अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। रविवार को भी इस मुद्दे को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया और राज्य और केंद्र सरकार से हटाने की मांग की गई। आंदोलनकारियों का नेतृत्व कर रहे रवि शंकर मंडल ने कहा कि उन लोगों की एक ही मांग है कि दुमका रेलवे स्टेशन से कोयला डंपिंग यार्ड को अन्यत्र शिफ्ट किया जाए। इसको लेकर सात आठ महिने के अंदर हटाने का आश्वासन दिया गया है लेकिन अभी तक कोई लिखित आश्वासन नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय सांसद नलिन सोरेन ने भी कहा कि कोलकाता में हुई रेलवे के जीएम के साथ हुई मीटिंग में इस मामले को रखा गया है। यहां बताते चलें कि दुमका रेलवे स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन का दर्जा प्राप्त है। बावजूद दुमका रेलवे स्टेशन कोयला डस्ट से काला पड़ा हुआ है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार की लापरवाही का शानदार नमूना दुमका में देखने को मिल रहा है। लेकिन प्रशासन चैन की निंद में है। श्री मंडल ने कहा कि जब तक लिखित आश्वासन नहीं दिया जाएगा उन लोगों का धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। उपस्थित रहे रविशंकर मंडल, संजय मंडल,अभय गुप्ता, गोवर्धन मंडल, मानस कुमार, सत्यम शर्मा, नित्यानंद पंडित, संतोष शर्मा, रिंकू यादव, मिथिलेश कुमार, श्याम प्रसाद शर्मा, मनोज भगत,धनंजय मंडल,आकाश यादव, सुनील केवट, सिंधु यादव, जिमी यादव, गौतम कापरी,हेमंत श्रीवास्तव,मनीष कुमार, लिलटु दे, तुलसी मंडल, अर्जुन कापरी, जीतन कुमार, विकास प्रसाद सिंह,हरिप्रसाद ठाकुर, मीकू यादव, आर राणा, राहुल दे, गोरा दत्ता, तरुण कुमार दे आदि।