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राजनीति का गलियारा : सियासत का केंद्र बिंदु : कौन असली हिन्दू

संजय कुमार विनीत
(वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक, पटना)

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी ने माघ की अष्टमी को प्रयागराज महाकुंभ में पवित्र स्नान क्या किया, राजनीतिक गलियारे में अपने को हिंदू साबित करने की होड़ सा मच गया‌। प्रधानमंत्री ने आज जिस मुहुर्त में संगम में डुबकी लगायी, उसी समय दिल्ली विधानसभा चुनाव के मतदान और उत्तर प्रदेश के मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव का भी मुहुर्त है। प्रधानमंत्री के इस स्नान को धर्म और अध्यात्म से अधिक राजनीति से छोड़कर देखा जा रहा है। समाजवादी पार्टी ने अपने लम्बे पोस्ट और आप पार्टी ने भी विडियो सोशल मीडिया पर डालकर अपने को असली हिन्दू साबित करने की कोशिश की है।

प्रधानमंत्री ने इस पर अपने पावन- पुण्य महाकुंभ में स्नान की कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए कहा है कि, प्रयागराज के दिव्य-भव्य महाकुंभ में आस्था, भक्ति और अध्यात्म का संगम हर किसी को अभिभूत कर रहा है। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि, आदरणीय प्रधानमंत्री जी का महाकुम्भ-2025, प्रयागराज में पुण्य सलिला माँ गंगा, माँ यमुना और माँ सरस्वती की दिव्य धाराओं के संगम में पवित्र स्नान एवं तीर्थराज प्रयाग का भ्रमण…। समाजवादी पार्टी ने भी सोशल मीडिया पर अपने लम्बे पोस्ट पर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव को सबसे बड़ा हिंदू बताने का प्रयास किया है और आप पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने भी हनुमान मंदिर में पुजा अर्चना के एक पुरानी विडियो डालकर संदेश देने का काम किया है ।

प्रधानमंत्री के प्रयागराज महाकुंभ दौरे को लेकर स्थानीय जनता और महाकुंभ में आए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। श्रद्धालुओं का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से सनातन धर्म को एक नई पहचान मिली है। लोगों का ये भी कहना है कि पहले लोग इतने जागरूक नहीं थे, लेकिन अब उनकी आस्था और जागरूकता बढ़ी है। प्रधानमंत्री स्वयं सनातन धर्म के प्रति विशेष श्रद्धा रखते हैं और जब देश का शीर्ष नेतृत्व दो बार प्रयागराज महाकुंभ में आ रहा है, तो यह न केवल प्रयागराज वासियों बल्कि पूरे सनातन धर्म के लिए गर्व की बात है।

चुनावी माहौल में सनातनी को साधने के लिए हर पार्टियों का प्रयास होना स्वाभाविक है। सनातन संस्कृति को जी भर के गालियाँ देने वालों के साथ खड़े रहकर, राम मंदिर का विरोध और महाकुंभ को भी बदनाम करने के बाद भी सनातनी हिंदू के वोट आज सबके लिए आवश्यक हो गयें हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने जिस ‘मुहुर्त’में संगम में डुबकी लगाई, उसी दिन दिल्ली विधानसभा चुनाव के मतदान और उत्तर प्रदेश की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के मतदान का भी ‘मुहुर्त’ है,ऐसे में माना जा रहा है कि मोदी के इस डुबकी से राजनीतिक संदेश भी निकलेगा।बीजेपी को उम्मीद है कि इससे वो हिंदू वोट फिर उसके पास वापस आएगा, जो पिछले दिनों उससे छिटक गया था।

मतदान के दिन पीएम मोदी की प्रयागराज के दौरे को लेकर विपक्षी सवाल उठा रहे हैं।आप प्रवक्ता ने कहा कि पीएम मोदी का इस दिन महाकुंभ जाना चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकता है और इससे गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही है।

सभी राजनीतिक दल जनता को हर तरह से लुभाने का प्रयास अपने वोटबैंक को ध्यान में रखकर हमेशा से करती आ रही है।प्रयागराज महाकुंभ में प्रधानमंत्री मोदी के स्नान को लेकर राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इसे हिंदुत्‍व और राष्‍ट्रवाद से जोडकर देखा जाएगा। पीएम मोदी वैसे भी इसे एकता का महाकुंभ कह चुके हैं। फिलहाल तो सभी की निगाहें दिल्ली विधानसभा चुनाव और मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव पर है, जहाँ आज वोट डाले जा रहे हैं।और 8 फरवरी को नतीजे आने हैं। कौन कितना सनातनी वोट साध पाते हैं, ये तो वक्त बतायेगा। पर इतना तो तय है कि धीरे धीरे सभी राजनीतिक पार्टियां अब सनातनी हिंदू को साधने में ही अपनी भलाई देख रहें हैं।

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