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मानव-वन्यजीव संघर्ष पीड़ितों के लिए डालसा का जागरूकता कार्यक्रम, नालसा योजना संवाद-2025 पर विशेष फोकस

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Arjun Kumar Pramanik……✍️

रांची । National Legal Services Authority (नालसा) की योजना-2025 के तहत मानव-वन्यजीव संघर्ष के पीड़ितों को न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से District Legal Services Authority Ranchi द्वारा सोनाहातू प्रखंड के हेसाडीह पंचायत अंतर्गत पापरीदा एवं सौडीह तथा जिन्तू पंचायत के मकमशिला एवं हिटजारा गांवों में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश, सदस्य सचिव रंजना अस्थाना के मार्गदर्शन तथा न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष अनिल कुमार मिश्रा-1 के नेतृत्व में, डालसा सचिव राकेश रौशन की देखरेख में किया गया।
एलएडीसी चीफ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि मानव और जंगली जानवरों के बीच बढ़ता टकराव देश में गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। इन घटनाओं में मानव मृत्यु, चोट तथा संपत्ति और फसल की क्षति जैसी समस्याएं सामने आती हैं। इससे न केवल प्रभावित परिवारों को आर्थिक और मानसिक आघात पहुंचता है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के प्रयास भी प्रभावित होते हैं। डिप्टी एलएडीसी कविता कुमारी खाती ने बताया कि हाथी, बाघ, तेंदुआ, जंगली सूअर, हिरण और अन्य वन्यजीवों के साथ टकराव की घटनाएं प्रायः जंगल से सटे ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में होती हैं। ऐसे मामलों में प्रभावित परिवार अचानक संकट की स्थिति में आ जाते हैं। उन्होंने जानकारी दी कि लीगल सर्विसेज अथॉरिटीज एक्ट, 1987 की धारा 12 (ई) के तहत आपदा से प्रभावित व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान की जाती है। एलएडीसी सहायक अनुप कुमार एवं स्वीकृति विनाया ने उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची से संपर्क कर निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान नालसा द्वारा संचालित “योजना संवाद-2025” पर भी विशेष जानकारी दी गई। उपस्थित ग्रामीणों को योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभों के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही आगामी 14 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में भी जानकारी दी गई।
इस अवसर पर एलएडीसी टीम के सदस्य, पीएलवी तथा स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
यह जानकारी डालसा सचिव राकेश रौशन द्वारा दी गई।