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रेल टेका वार्ता के नाम पर धोखा, कुङमि समाज में आक्रोश — घाटशिला में करेंगे वोट बहिष्कार

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रिपोर्टर – जगबंधु महतो

गम्हरिया(सरायकेला) । कोल्हान डिवीजन के जमशेदपुर लोकसभा अंतर्गत घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के सभी कुङमि बहुल गांवों में आने वाले दिनों में सामाजिक संगठन का विस्तार किया जाएगा। रेल टेका आंदोलन के बाद अब कुङमि समाज का आक्रोश वोट बहिष्कार की ओर बढ़ गया है। समाज का कहना है कि पिछले 75 वर्षों से एसटी (अनुसूचित जनजाति) सूची में शामिल करने, कुङमालि भाषा को आठवीं अनुसूची में दर्ज करने और सरना धर्म कोड की मांग लंबित है।
कुङमि समाज का आरोप है कि सरकारें केवल वार्ता का नाम लेकर धोखा दे रही हैं, जबकि ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
युवाओं ने आगामी उपचुनाव में नारा दिया है —
“नो एस टी नो वोट ” समाज ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार शीघ्र वार्ता कर समाधान नहीं करती, तो घाटशिला उपचुनाव में कुङमि समाज वोट का बहिष्कार करेगा।
जानकारी के अनुसार, घाटशिला में कुल 93 गाँव, 103 मतदान केंद्र और लगभग 30 से 40 हज़ार वोटर हैं। सभी कुङमि गाँवों में वोट बहिष्कार को लेकर चर्चाएं तेज हैं और मतदाता आक्रोशित हैं।

संगठन विस्तार और हस्ताक्षर अभियान शुरू

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कुङमि समाज के युवा अब वोट बहिष्कार को लेकर गोलबंद हो रहे हैं। समाज के युवा आंदोलनकारी अमित महतो ने बताया कि समाज के सभी युवाओं, अभिभावकों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से वार्ता की प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने कहा—
“अगले 10 दिनों में सभी 93 कुङमि गाँवों में ग्रामसभा कर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही कुङमि महतो समाज के सामाजिक संगठन का विस्तार किया जाएगा। हस्ताक्षरयुक्त माँग पत्र निर्वाचन आयोग और गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा।”
संगठन ने सरकार से 15 दिनों के भीतर वार्ता की पहल करने की मांग की है। अन्यथा समाज घाटशिला उपचुनाव से पूरी तरह मुंह मोड़ने का निर्णय ले सकता है।
कुङमि समाज का कहना है कि वह अपनी संस्कृति, भाषा और विरासत को बचाने की लड़ाई लड़ रहा है और यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
इस संदर्भ में आज सूरदा में जन-जागरूकता बैठक आयोजित की गई, जिसमें अमित महतो, सुमित महतो, मानिक महतो, विकास, पीयूष महतो, मलया जी, भव तरण जी सहित कई लोग उपस्थित थे।