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वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ मुस्लिम समुदाय की ओर से एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित

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समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में मौन रैली निकालकर जताया विरोध, राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर की वक्फ बिल को रद्द करने की मांग

सांसद नलिन सोरेन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से की वक्फ संशोधन कानून को झारखंड में लागू नहीं करने की मांग

दुमका ब्यूरो : मौसम गुप्ता

दुमका : वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ देश भर में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है| समुदाय के लोग इस कानून को किसी भी हालत में स्वीकार करने को तैयार नहीं है| देश के विभिन्न राज्यों में लगातार धरना प्रदर्शन के माध्यम से वक्फ कानून का विरोध किया जा रहा है| इसी कड़ी में बुधवार को सूबे की उपराजधानी दुमका में वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ ख्वाजा गरीब नवाज मुस्लिम कल्याण समिति के अध्यक्ष सह झामुमो केन्द्रीय समिति के सदस्य मोहम्मद अब्दुल सलाम अंसारी के नेतृत्व में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन कर वक्फ बिल का जोरदार विरोध किया गया| अल्पसंख्यक समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में सड़क पर उतर कर विरोध जताया| इसके पूर्व बड़ी संख्या में समुदाय के लोग आउटडोर स्टेडियम में एकत्रित हुए| तत्पश्चात विशाल मौन रैली निकाली गई| रैली शहर के विभिन्न चौक चौराहों से होते हुए पुराना समाहरणालय परिसर पहुंचकर सभा में तब्दील हो गई|

सभा को संबोधित करते हुए ख्वाजा गरीब नवाज मुस्लिम कल्याण समिति के अध्यक्ष अब्दुस सलाम अंसारी ने इसे काला कानून बताते हुए कहा कि यह अल्पसंख्यक समाज को कमजोर करने की साजिश है| उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि जब से मोदी सरकार केंद्र में आई है मुस्लिम समुदाय को लगातार निशाना बनाया जा रहा है| तीन तलाक का मामला हो या फिर अभी वक्फ संशोधन कानून, उनका उद्देश्य मुस्लिम समुदाय को नीचा दिखाना है। उन्होंने कहा कि पूर्वजों की दान की हुई संपत्ति पर समाज के हित में कार्य किए जा रहे हैं| वक्फ की गई जमीन पर दूसरे का कोई हक नहीं है| केंद्र सरकार ने वक्फ बोर्ड की जमीन पर कब्जा करने के लिए यह काला कानून लाया है| केंद्र सरकार मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार कर रही है| हम अपने पूर्वजों की जमीन को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और इस संघर्ष में हमें जरूर कामयाबी मिलेगी|

धरना प्रदर्शन को झामुमो से दुमका सांसद नलिन सोरेन एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष महेश राम चंद्रवंशी ने भी संबोधित किया| सांसद नलिन सोरेन ने कहा कि देश को आजाद कराने में सभी जाति – धर्म के लोगों का योगदान रहा| बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने जो कानून बनाया उसमें सभी को अपने-अपने धर्म को मानने का अधिकार दिया गया| इसके बावजूद केंद्र की मोदी सरकार लगातार हमें विभिन्न कानूनों के माध्यम से प्रताड़ित करने का काम कर रही है| विपक्षी दलों के विरोध के बावजूद संख्या बल की बदौलत उन्होंने वक्फ संशोधन विधेयक सदन से पारित करवा दिया| भारतीय जनता पार्टी जाति, धर्म और क्षेत्र के आधार पर लोगों में वैमनस्यता फैला रही है| उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से की है कि वक्फ संशोधन कानून को झारखंड में लागू नहीं करें| कांग्रेस अध्यक्ष महेश राम चंद्रवंशी ने भी इसे काला कानून बताते हुए केंद्र सरकार की तीखी आलोचना की|

धरना प्रदर्शन कार्यक्रम के पश्चात ख्वाजा गरीब नवाज मुस्लिम कल्याण समिति के अध्यक्ष अब्दुल सलाम अंसारी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा| ज्ञापन में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू से देश में शांति व सौहार्दपूर्ण वातावरण कायम रखने व संविधान की रक्षा हेतु वक्फ संशोधन कानून को अविलंब रद्द करने की मांग की गई|

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