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14 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत पर किया गया फोकस

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Arjun Kumar Pramanik…….✍️

रांची : झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के दिशा-निर्देश पर, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के मार्गदर्शन में तथा सचिव की देखरेख में अनगड़ा प्रखंड के चतरा पंचायत भवन एवं चतरा गांव में डालसा के पीएलवी द्वारा डोर-टू-डोर विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पीएलवी बेबी सिन्हा, मालती कुमारी, सुनीता कुमारी, मीना श्रीवास्तव सहित अन्य उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान पीएलवी बेबी सिन्हा ने बच्चों से संबंधित कानूनों जैसे जेजे एक्ट, पोक्सो एक्ट आदि की जानकारी दी। उन्होंने नशा उन्मूलन पर फोकस करते हुए कहा कि नशा करने से धन और स्वास्थ्य दोनों पर बुरा प्रभाव पड़ता है। साथ ही बाल विवाह की रोकथाम पर प्रकाश डालते हुए बाल विवाह निषेध अधिनियम-2006 की जानकारी दी। पीएलवी सुनीता कुमारी ने मोटर वाहन दुर्घटना में प्राप्त होने वाले मुआवजे की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीड़ित या पीड़िता मुआवजे के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार कार्यालय में आवेदन दे सकते हैं। यदि पीड़िता महिला हो, तो मामले की पैरवी के लिए डालसा की ओर से निःशुल्क अधिवक्ता की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है।
पीएलवी मीना श्रीवास्तव ने दहेज प्रतिषेध अधिनियम-1961 के बारे में विस्तार से जानकारी दी और कहा कि दहेज लेना एवं देना कानूनन अपराध है, जिसमें सजा का प्रावधान है। वहीं पीएलवी मालती कुमारी द्वारा एमएसीटी एक्ट-1988 के संबंध में जानकारी दी गई।