
आईसीएआर–आईआईएबी, रांची द्वारा किसान दिवस पर किसान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

Arjun Kumar Pramanik……✍️
रांची : भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद–भारतीय कृषि जैव प्रौद्योगिकी संस्थान (ICAR–Indian Institute of Agricultural Biotechnology), रांची ने किसान दिवस के अवसर पर आईसीएआर की जनजातीय उप-योजना (टीएसपी) के अंतर्गत गढ़खटंगा में किसान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम ICAR–Indian Institute of Rice Research के सहयोग से आयोजित हुआ।
कार्यक्रम का उद्देश्य पोषण-संवेदनशील, जलवायु-सहनीय एवं सतत कृषि को बढ़ावा देना था। इसके अंतर्गत किसानों को बायोफोर्टिफाइड धान किस्मों, वैज्ञानिक मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन तथा पर्यावरण-अनुकूल कीट प्रबंधन पर जागरूक किया गया। किसानों को मृदा परीक्षण के लिए प्रेरित करने और पोषणयुक्त फसलों को अपनाने हेतु 100 मृदा परीक्षण किट एवं बायोफोर्टिफाइड धान बीज वितरित किए गए।
इस अवसर पर Dr. C. N. Neeraja, ICAR–Indian Institute of Rice Research ने आहार गुणवत्ता सुधार में बायोफोर्टिफाइड धान की भूमिका पर प्रकाश डाला। Dr. Brajendra ने संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन के महत्व को समझाते हुए मृदा परीक्षण किट के उपयोग का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। वहीं Dr. Ch. Padmavathi ने फेरोमोन ट्रैप की स्थापना का प्रदर्शन कर इसे किफायती एवं पर्यावरण के लिए सुरक्षित कीट प्रबंधन उपाय बताया।
किसान दिवस पर माननीय केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shri Shivraj Singh Chauhan ने ऑनलाइन माध्यम से किसानों से वर्चुअल संवाद किया और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्वर्गीय प्रधानमंत्री Chaudhary Charan Singh के किसानों के हित में किए गए योगदान को स्मरण किया तथा विकसित भारत – ग्राम जी की अवधारणा पर चर्चा करते हुए समग्र ग्रामीण विकास के महत्व को रेखांकित किया।
Dr. Sujay Rakshit, निदेशक, ICAR–Indian Institute of Agricultural Biotechnology ने किसानों की राष्ट्र-निर्माण में निरंतर भूमिका की सराहना करते हुए किसान-केंद्रित, विज्ञान-आधारित एवं सतत कृषि विकास के प्रति आईसीएआर की प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने Dr. Kartik Sharma के मार्गदर्शन में संस्थान की एकीकृत कृषि प्रणाली (IFS) इकाई का भ्रमण भी किया, जहाँ आय वृद्धि, संसाधन उपयोग दक्षता और आजीविका स्थिरता के व्यावहारिक लाभों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में Dr. Vijay Pal Bhadana, Dr. Khelaram Soren, Dr. Ramya N., Dr. Sujay B. Kademani, Dr. Suryakant Manik सहित संस्थान के अन्य वैज्ञानिक, कर्मचारीगण एवं आसपास के गांवों से आए किसान उपस्थित रहे।

