कालरा और मिंदी ने की वार्ता झारखंड में होगा सिख सम्मेलन, अब निर्दलीय प्रत्याशी खड़ा करेगा सिख समाज…
जमशेदपुर: “झारखंड में सिखों को दरकिनार करते हुए न एनडीए और न इंडिया गठबंधन तरजीह दे रही है इसलिए अब समय आ गया है जब वर्चस्व की लड़ाई लड़नी होगी.झारखंड में इंदर सिंह नामधारी के बाद किसी सिख को विधानसभा चुनाव में नहीं उतारा गया जो चिंता का विषय है”.
उक्त बातें आज रिफ्यूजी कॉलोनी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के चेयरमैन हरमिंदर सिंह मिंदी ने कहीं हैं.उन्होने एक वीडियो जारी कर सिख समाज से संबंधित नेताओं को विभिन्न राजनीतिक दलों और पार्टियों के पीछे भागने के बजाय अपना प्रतिनिधि उतारने की सलाह दी है.उन्होने कहा कि हमारे समाज में ईमानदार और स्वच्छ छवि के लोगों की कमी नहीं है और इस बार हम सभी को एकजुटता दिखाते हुए अपना निर्दलीय उम्मीदवार घोषित करने की जरूरत है.
उन्होने पूरे झारखंड के सिखों को एकजुट होकर विधानसभा में मिसाल पेश करने की जरूरत बताई है.
श्री मिंदी ने आज कांग्रेस के वरिष्ठ सिख नेता और अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन रह चुके इंद्रजीत सिंह कालरा से भी बात की है जिसके बाद दोनों ने झारखंड में एक बड़े सिख सम्मेलन पर चर्चा की है.श्री कालरा भी कांग्रेस पार्टी में इस बात को प्रमुखता से उठाते रहे हैं कि सिखों को सिर्फ अल्पसंख्यक आयोग तक सीमित न रखकर लोकसभा और विधानसभा में उम्मीदवार बनाया जाए.
कल सीजीपीसी के चेयरमैन भगवान सिंह ने भी अपना एक बयान जारी करते हुए सिखों को विभिन्न पार्टियों द्वारा किसी विधानसभा से प्रत्याशी न बनाने की चर्चा पर मुखर होकर जवाब दिया है.श्री सिंह ने कहा कि इस विधानसभा चुनाव में किसी सिख का किसी पार्टी ने नाम तक आगे नहीं बढ़ाया टिकट देना तो दूर की बात है.उन्होने भी कहा है कि सिखों को अब निर्दलीय प्रत्याशी खड़ा करने की जरूरत है.
