
जमशेदपुर : संजीव कुमार तिवारी बना ग्रामीण भाजपा जिलाध्यक्ष…
प्रभाकर और दीपक नाग… ✍️

चंडीचरण साव अपने पद से इस्तीफा देने के बाद कई महीनों तक रिक्त पड़ा रहा भाजपा के जमशेदपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष का ताज। तेज-तर्रार नवयुवक संजीव तिवारी उर्फ सत्ता तिवारी अंत मे इस ताज का हकदार बने। जबकि, पार्टी के अनेक पुराने कार्यकर्ताओं का नाम इस दौड़ में शामिल था। झारखंड में भाजपा का निरंतर चुनाव में शिख्सत खाना निश्चित रुप से संगठन का कमजोर होने के दिशा में इशारा करता है। वैसे भी राजनीतिक दलों में लाबिंग और गुटबाजी होना आम बात हो गया है। शायद इन्हीं कारणों का हर्जाना भाजपा को प्रदेश में भुगतना पड़ता रहा है। गौर करने योग्य है कि, घाटशिला विधानसभा का उप-चुनाव मे भाजपा ने झामुमो से शिख्सत खाई। जिस कारण तत्कालीन जमशेदपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष चंडीचरण साव नैतिक के आधार पर जिम्मेदारी लेते हुए पार्टी पद से इस्तीफा दे दिया था। जबकि, इस उप-चुनाव मे झारखंड प्रदेश के शायद ही कोई बड़ा राजनीतिक चेहरा छूटा होगा जो लंबे समय तक चुनावी मैदान खुला न हो?
बहर हाल, भाजपा का संगठनात्मक विस्तार तीन जिलों में नये अध्यक्ष, जमशेदपुर ग्रामीण की कमान संजीव कुमार तिवारी उर्फ सत्या तिवारी के हाथ हाथों में सौंपा गया। झारखंड राज्य के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के निर्देश पर जमशेदपुर ग्रामीण (पूर्वी सिंहभूम) की जिम्मेदारी सत्या तिवारी को सौंपी गयी है, जबकि लोहरदगा में अजय पंकज और बोकारो में सुरेंद्र राज को जिला अध्यक्ष बनाया गया है।
जमशेदपुर ग्रामीण में संजीव तिवारी की नियुक्ति को संगठन के लिए अहम माना जा रहा है। वे अभी तक जिला कमेटी में महामंत्री की जिम्मेदारी निभा रहे थे। लंबे समय से पार्टी संगठन में सक्रिय रहे हैं। संगठनात्मक अनुभव और क्षेत्र में सक्रियता को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया है।
संजीव तिवारी को जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो का करीबी माना जाता है। वे मुसाबनी प्रखंड में सांसद प्रतिनिधि के रूप में भी काम कर रहे हैं। धन जिससे क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ बतायी जाती है। बताया जा रहा है कि इस पद के लिए कई नेताओं ने दावेदारी की थी, लेकिन अंततः संगठन ने संजीव तिवारी के नाम पर मुहर लगायी।
खबरों के अनुसार, चुनावों को ध्यान में रखते हुए वे जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा के साथ मिलकर संजीव संगठन को और मजबूत करने की रणनीति पर काम करेंगे प्रदेश महामंत्री एवं मुख्यालय प्रभारी प्रदीप वर्मा ने आधिकारिक पत्र जारी कर तीनों जिलों के अध्यक्षों की नियुक्ति की जानकारी दी है। और तत्काल प्रभावित किया गया है।

गौरतलब है कि कोल्हान प्रमंडल में जमशेदपुर ग्रामीण ही ऐसा जिला था जहां अध्यक्ष की घोषणा बाकी थी। वहीं धनबाद प्रमंडल के बोकारो और दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के लोहरदगा में भी जिला अध्यक्ष का पद खाली था।
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि जल्द ही सभी जिलों में नयी कमेटियों का गठन किया जाएगा। इससे संगठन को नयी गति मिलेगी और कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह बढ़ेगा।
गोरतलब है कि, झारखंड प्रदेश में भाजपा का एक विरोधी राजनीतिक दल हिसाब से लंबें समय से कोई चर्चा लायक एक्टिविटी नहीं देखा गया है। परिणाम स्वरूप पार्टी का अस्तित्व क्षेत्र में कमजोर नजर आती हैं। यहीं वजह है कि विपक्षी राजनीतिक दलों को चुनावी मैदान में ज्यादा मशक्कत करने की जरूरत नहीं होती है।
बहरहाल, तीनों पदाधिकारियों को उस वक्त संगठन मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई जब UGC के नया कानून के विरोध में पुरे देश में सवर्ण समाज के लोग सड़कों पर उतर गए हैं। क्योंकि, सवर्ण समाज भाजपा का कोर वोटर के रुप मे जाना जाता है। ऐसी वक्त में किसी के कंधे में संगठन और समर्थन को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी जाए तो बालु से तेल निकालने का समान होगा । केन्द्र के हाथों में जो मामला उलझा हुआ है उस समस्या का निदान प्रदेश और जिला कैसे कर सकता है।
