झारखंड पिछड़ा वर्ग आयोग,रांची की टीम ने किया डोर-टू-डोर सर्वेक्षण, परिसदन दुमका में की बैठक
दुमका ब्यूरो रिपोर्ट : मौसम गुप्ता
झारखंड पिछड़ा वर्ग आयोग,रांची की टीम ने दुमका जिले में नगर निकायों में पिछड़े वर्गों को आरक्षण देने की पात्रता निर्धारण तथा तथा हिन्दू धुनीया, जोल्हा, नदाफ जाति को अत्यन्त पिछड़े वर्गों की सूची में समावेशित करने के लिए डोर-टू-डोर सर्वेक्षण किया। आयोग की टीम ने दुमका नगर परिषद के रसिकपुर, मौचीपाड़ा एवं नगर पंचायत बासुकीनाथ के पेटसार का दौरा कर घर-घर जाकर सत्यापन कार्य किया।
आयोग की टीम ने परिसदन दुमका में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में ट्रिपल टेस्ट सर्वे के नोडल पदाधिकारी व अनुश्रवण समिति के साथ चर्चा की गई। आयोग के सदस्य नंदकिशोर मेहता, लक्ष्मण यादव, संजीव कुमार, प्रशाखा पदाधिकारी विनोद कुमार सिंह समेत कई महत्वपूर्ण अधिकारी शामिल हुए। नोडल पदाधिकारी सह अपर समाहर्ता दुमका, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी, कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद दुमका, कार्यपालक पदाधिकारी नगर पंचायत बासुकीनाथ, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, प्रखंड विकास पदाधिकारी दुमका एवं जरमुंडी बैठक में उपस्थित रहे।
यह सर्वेक्षण पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण नीति के सही कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया। आयोग की टीम ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि समाज के सभी वर्गों को न्यायोचित प्रतिनिधित्व मिले और आरक्षण नीति प्रभावी रूप से लागू हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सर्वेक्षण की सटीकता और निष्पक्षता बनाए रखते हुए रिपोर्ट तैयार की जाए। इस जांच का उद्देश्य पिछड़े वर्गों की वास्तविक सामाजिक-आर्थिक स्थिति का आकलन करना और आरक्षण नीति को सही ढंग से लागू करना है। आयोग की टीम ने नगर निकायों में पिछड़े वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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