जमशेदपुर(दीप): जमशेदपुर की जनता की बड़ी सुविधा छिन रही थी. जहां कांग्रेस, झामुमो, भाजपा जैसी बड़ी पार्टियां फेल कर रही थी, रहस्यमयी चुप्पी साध चुके थे, जनता गुलामी की ओर बढ़ने लगा था, तब एक आशा की किरण बनकर निर्दलीय विधायक से भारतीय जनतंत्र मोर्चा बनाने वाले विधायक सरयू राय ने जनता की लड़ाई लड़ी और उसमें जीत भी मिली. हम बात कर रहे है जमशेदपुर की धरोहर जुबिली पार्क की. जुबिली पार्क के रास्ते को पहले बंद कर दिया गया था. फिर पहचान पत्र मांगा जा रहा था. लोगों को आने जाने की इजाजत पर रोक थी. अभी भी समय की पाबंदी लगा दी गयी है. रास्ते को काट दिया गया था.
कोरोना की आड़ में पार्क को ही बंद कर दिया गया था और सड़क को काटकर बीच से सारे कनेक्शन को ही काट दिया जा रहा था. सूचना के बावजूद सत्ताधारी कांग्रेस, झामुमो, के लोग चुप रहे थे. प्रमुख विपक्षी दल और विश्व की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाली भाजपा के लोग चुप ही रहे. लेकिन विधायक सरयू राय खुद अपने से सारे हालात को देखने पहुंच गये. उन्होंने ना सिर्फ हालात को देखा और स्थिति को देखकर अफसोस जताया. उन्होंने गुस्सा दिखाया. डीसी से बात की. डीसी ने एसडीओ को लगाया. इसके बाद कटे हुए रास्ते भरे गये. सड़क पर से सभी चीजें हटा दी गयी. अब लोग आना जाना कर रहे है.
पैदल ही आना जाना कर पा रहे है. पहचान पत्र दिखाने की बाध्यता को खत्म कर दी गयी. अभी सड़क बीच से जाने की शुरुआत नहीं हुई है, जिससे गाड़ी आना जाना करती थी. वैसे अभी समय की पाबंदी का सिस्टम को भी बदले जाने की जरूरत है. बुधवार को विधायक सरयू राय हालात को देखने के लिए फिर से अपने लोगों के साथ पहुंच गये. उन्होंने वहां पहले से हालात बदले देखे. इसके बाद लोगों ने उनको पकड़ लिया और आभार जताने लगे.
