
नोनिहाट-हँसडीहा मार्ग बना मौत का रास्ता, प्रशासन की चुप्पी बनी सवाल

संवाददाता : मौसम गुप्ता
दुमका/बांका । नोनिहाट से हँसडीहा को जोड़ने वाली मुख्य सड़क अब दुर्घटनाओं का केंद्र बन गई है। लगातार हो रहे सड़क हादसों, ट्रकों के पलटने और आम लोगों की मौत के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। सड़क की खस्ताहाल स्थिति, सुरक्षा के बुनियादी उपायों की कमी और निगरानी के अभाव में यह मार्ग लोगों के लिए खतरा बनता जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क पर न तो पर्याप्त संख्या में ब्रेकर हैं, न ही ज़ेब्रा क्रॉसिंग की व्यवस्था। टूटी हुई डिवाइडर और सड़क किनारे अंधेरा अक्सर हादसों की वजह बनते हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि रात के समय स्ट्रीट लाइटें जलती ही नहीं, जिससे राहगीरों के लिए यह मार्ग बेहद असुरक्षित हो गया है। मुकेश सेन का कहना है कि सड़क पर सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का अभाव है। “डिवाइडर और ब्रेकर न होने के कारण दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं,” उन्होंने कहा। गुलशन गुप्ता ने बताया कि हाइवा और ट्रेलर जैसे भारी वाहन अक्सर तेज़ गति से नशे की हालत में चलते हैं और कई बार पलट जाते हैं। रंजीत भंडारी का कहना है कि “रात के अंधेरे में सड़क पार करना जोखिम भरा हो गया है। अमरपुर क्षेत्र नशाखोरी का केंद्र बनता जा रहा है, जिससे दुर्घटनाएं और बढ़ गई हैं।” ग्रामीणों का आरोप है कि हादसों के बाद केवल औपचारिक जांच की बातें होती हैं लेकिन ज़मीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं होता। सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्य योजना सामने नहीं आई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क की मरम्मत शीघ्र कराई जाए डिवाइडर और ब्रेकर की व्यवस्था की जाए ज़ेब्रा क्रॉसिंग और सड़क सुरक्षा चिन्ह लगाए जाएं रात में स्ट्रीट लाइट चालू रखी जाएं और नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो यह सड़क भविष्य में और भी बड़े हादसों का कारण बन सकती है।

