
सरकारी जमीन पर दिनदहाड़े कब्जा, प्रशासन मौन – पूड़ीसीली में ‘जमीन माफिया’ का आतंक

संवाददाता : कल्याण पात्रा
सरायकेला-खरसावां । जिले में भूमाफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे अब खुलेआम सरकारी जमीन पर कब्जा करने से नहीं हिचक रहे। चांडिल अंचल के मौजा पूड़ीसीली से ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन की कार्यप्रणाली और उसकी निष्क्रियता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, कांदरबेड़ा–दोमुहानी मार्ग स्थित पूड़ीसीली चौक के समीप आशियाना प्रकृति फ्लैट निर्माण स्थल के पीछे की सरकारी भूमि पर भूमाफियाओं ने चारों ओर से टीना शेड लगाकर घेराव शुरू कर दिया है। जबकि इसी जमीन पर झारखंड सरकार का बोर्ड लगा हुआ है, जिस पर स्पष्ट लिखा है कि यह सरकारी भूमि है और इस पर किसी प्रकार का क्रय-विक्रय या अतिक्रमण दंडनीय अपराध है।
स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि हरेंद्र सिंह ने कहा कि यह जमीन पूरी तरह सरकारी है और प्रशासन पहले ही इसे चिन्हित कर सुरक्षित घोषित कर चुका है। इसके बावजूद कब्जा होना सरकारी आदेशों की अवहेलना और कानून-प्रशासन का मजाक है।
ग्रामीणों का आरोप है कि दिन-दहाड़े सरकारी भूमि पर कब्जा और प्रशासन का मौन रहना गहरी मिलीभगत को दर्शाता है। उनका कहना है कि पूड़ीसीली में सक्रिय भूमाफिया सरकारी जमीन को अपनी पैतृक संपत्ति समझ बैठे हैं।
स्थानीय लोगों ने याद दिलाया कि जब आशियाना प्रकृति प्रोजेक्ट शुरू हुआ था तब वन विभाग, चांडिल अंचल प्रशासन और स्थानीय रैयतों की मौजूदगी में जमीन की मापी व सीमांकन किया गया था। सड़क किनारे की भूमि रैयती है, जिस पर फ्लैट निर्माण चल रहा है, जबकि उसके पीछे सरकारी भूमि और उसके बाद वन विभाग की भूमि, जंगल और पहाड़ स्थित है।
इस संबंध में चांडिल अंचल अधिकारी ने दूरभाष पर बताया कि मामले की जांच का आदेश दे दिया गया है और जल्द ही जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

