
पटना : दुर्गापुर गैंगरेप को लेकर राज्यपाल – मुख्यमंत्री आमने सामन
संजय कुमार विनित…✍️

(वरिष्ठ पत्रकार सह राजनीतिक विश्लेषक)
पुरे देश को झकझोर देनेवाली पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में मेडिकल छात्रा के साथ हुए गैंगरेप से देश स्तब्ध तो है ही और अब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान से सियासी पारा भी चढ़ने लगा है । और अब राज्यपाल डाक्टर सीबी आनंद बोस के एक वयान से कि अब समय आ गया है कि हम सभी एक साथ खड़े हों और कहें, `रुको, वरना हम इसे रोक देंगे ‘ से राज्यपाल और मुख्यमंत्री आमने सामने खड़े दिख रहें हैं।
पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में हुई सामूहिक बलात्कार की वारदात ने देश को झकझोर दिया है। ओडिशा की रहने वाली एक मेडिकल छात्रा के साथ कॉलेज परिसर के बाहर शुक्रवार शाम कुछ लोगों ने दरिंदगी की हदें पार कर दीं। इस मामले में दुर्गापुर पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर अभी तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है और दो संदिग्धों की तलाश जारी है।
पहले शनिवार को तीन आरोपी अपू बौरी (21 वर्ष), शेख फिरदौस (23 वर्ष) और शेख रियाजुद्दीन (32 वर्ष) को गिरफ्तार किया था। इसके बाद रविवार को चौथे आरोपी शेख नसीरुद्दीन (24 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया और आज पुलिस के अनुसार सोमवार को दु्र्गापुर गैंगरेप मामले में पुलिस टीम ने पांचवें आरोपी और मास्टर माइंड शेख शफीकुल को गिरफ्तार कर लिया है।
इस जघन्य अपराध पर पश्चिम बंगाल की राज्य भाजपा इकाई के नेता आंदोलित थे ही, और ममता बनर्जी के एक बयान से आंदोलन को और भी बल मिला। दरअसल, ममता बनर्जी ने रात में लडकियों को बाहर निकलने पर ही प्रश्न चिन्ह लगाया था । हलांकि, अपराध पर जीरो टॉलरेंस की भी बात की थी। पर भाजपा को इसपर आंदोलन तीव्र करने का एक अवसर मिल गया। स्थानीय लोगों को याद दिलाने में भाजपा सफल होती दिखी कि महिला के प्रति अपराध में जहाँ भाजपा शासित राज्यों में खासकर उत्तर प्रदेश में अगले चौराहे पर इनकाउंटर हो जाता है, वहीं पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी पीड़िता पर ही सवाल खड़े कर रही है।
भाजपा, काग्रेस, विभिन्न जन संगठनों, महिला संगठनों के ममता बनर्जी के खिलाफ प्रदर्शन के बीच राज्यपाल श्री आनंद बोस का घटनास्थल का दौरा करना और पीड़िता के साथ खड़े होकर न्याय दिलाने के हर संभव मदद का आश्वासन देने से राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच खटास को ही स्पष्ट करता है। वैसे तो हर विभत्स घटना पर आमने सामने होते देखा जाता रहा है, पर इस बार आम लोगों से एकजुटता का आह्वान राज्यपाल के और मुखर होकर मुख्यमंत्री के विरोध में जाना को ही दर्शाता है।
दरअसल, राज्यपाल सीवी आनंद ने नाम लिए बिना ममता सरकार पर हमला करते हुए कहा है कि , ‘यह अपनी तरह की पहली घटना नहीं है। हाल के दिनों में, हमारे पास ऐसी ही अन्य घटनाएं हुई हैं… बंगाल समाज ने इस राष्ट्र के पुनर्जागरण का नेतृत्व किया था। हम यहां एक दूसरा पुनर्जागरण चाहते हैं… बंगाल को बेटियों के लिए सुरक्षित बनाना होगा। मैं आत्मविश्वास के साथ नहीं कह सकता कि बंगाल सुरक्षित है।हमें जिम्मेदारी लेनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि पीड़िता को न्याय मिले।
राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस ने इस घटना को , निंदनीय और जनता की अंतरात्मा को झकझोर देने वाला बताते हुए जनमानस से आह्वान करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि हम सभी एक साथ खड़े हों और कहें, ‘रुको, वरना हम इसे रोक देंगे।’ ये राज्यपाल की पीड़ित छात्रा के प्रति संवेदनशीलता है और पश्चिम बंगाल के महिलाओं के प्रति एक जिम्मेदारी भी है। पर अगर गौर किया जाये या फिर राजनीतिक विशेषज्ञों की बात की जाये तो यह भी बात सामने आती है कि बगैर ममता बनर्जी के नाम लिये यह ममता बनर्जी पर राज्यपाल का हमला है और जनमानस को आह्वान है कि एक साथ खड़े हों।
वैसे, विभिन्न घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री और राज्यपाल अक्सरां एक दूसरे के आमने सामने खड़े दिखते रहें हैं, पर बंगाली समाज को राष्ट्र के पुर्नजागरण में उनके महत्वपूर्ण नेतृत्व वाले योगदान को याद दिलाते हुए पुनः दुसरे पुनर्जागरण के लिए तैयार होने का आह्वान करते हुए पहली बार देखा गया है। महिलाओं के प्रति ऐसे जघन्य अपराध सचमुच अंतरात्मा को झकझोर देते हैं और ऐसे मामले में एकजुट हो न्याय के लिए संघर्ष भी मानवता को ही समर्पित होता है।
