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जोहर ग्रामीण विकास संघर्ष समिति के द्वारा जिला उपायुक्त अनन्न मित्तल से मिलकर लिखित ज्ञापन दिया गया।

जमशेदपुर /पोटका: अभिजीत सेन

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जोहर ग्रामीण विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष महिमा सरदार, उपाध्यक्ष नंदलाल सरदार, महासचिव श्रीकांत सरदार, एवं कार्य करनी की सदस्य के उपस्थिति में झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा 2024 जनजातीय भूमिज भाषा आंकड़ों में सुधार के संबंध में पूर्वी सिंहभूम जिला के उपायुक्त अनन्न मित्तल मिलकर,उनके माध्यम से झारखंड सरकार के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग मंत्री वैद्यनाथ राम को एक लिखित ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन मे कहा गया कि देश के आदिवासी भूमिज जाती, प्राचीन जनजाति है। जो भारत देश के झारखंड , उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, असम में मुख्य रूप से वास करते हैं। यह प्राकृतिक पूजक है।

4 जनवरी 2019 में आदिवासी भूमिज भाषा को झारखंड राज्य में दीतीय राज्य भाषा का दर्जा दिया गया है । बंगाल के बांगला भाषा का प्रभाव से सबसे अधिक झारखंड के आदिवासी भूमिज समाज के भूमिज भाषा का अतिक्रमण हुआ है। जो आज भी आदिवासी भूमिज समाज इसका दंश झेल रहा है। पूरे कोल्हान प्रमंडल में 120 पद भूमिज भाषा जनजाति की शिक्षकों के नियुक्ति के मांग है और उसमें से पूर्वी सिंहभूम जिला में 75 पद भूमिज भाषा के शिक्षकों की नियुक्ति किया जाए यह आदिवासी भूमिज- समाज का मांग है।

अतः जो जनजाति भाषा ज्यादा विलुप्त के कगार पर है उसे ध्यान में रखकर जनजाति भाषा का आंकड़ा बनाया जाए ताकि सभी जनजातीय भाषा को समानता का अधिकार मिल सके। मौके पर श्यामल कृष्ण सरदार, सुभाष सरदार, बृहस्पति सरदार, नंदलाल सरदार, दीपक सिंह उपस्थित रहे