झारखंड राज्य पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना को लेकर हुआ प्रेस मीट का आयोजन…
रामगढ़ ब्यूरो ( इन्द्रजीत कुमार)
रामगढ़ जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रामगढ़ डॉ असीम कुमार के द्वारा झारखंड राज्य पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना से संबंधित प्रेस मीट का आयोजन किया गया। डॉ अशीष कुमार ने कहा कि जैसे कि आप सभी को पता हैं कि एक पत्रकार का काम काफी जोखिम भरा होता हैं। झारखंड सरकार का यह प्रयास हैं कि उनके स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं को आसान किया जाए। उनको काम करने में सहूलियत हो। इसी उद्देश्य से झारखंड सरकार द्वारा पत्रकारों के हित में झारखंड राज्य पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना को लागू किया गया। उन्होंने योजना का लाभ लेने में आ रहे।दुविधाओं पर चर्चा की गई। उनका निष्पादन करने के उपायों को सभी से साझा किया गया। उक्त योजना मीडिया प्रतिनिधियों के लिए ग्रुप बीमा के रूप में लागू होगी, बीमाधारक मीडिया प्रतिनिधि सहित उसके पति / पत्नी एवं 21 वर्ष की आयु के दो अविवाहित एवं निर्भर संतान को लाभ मिलेगा।
इन मीडिया प्रतिनिधियों को मिलेगा लाभ
उक्त योजना नियमावली के तहत मीडिया कर्मियों का अभिप्राय वैसे लोगों से हैं। जो प्रधान संपादक, समाचार संपादक, उप संपादक , पत्रकार, छाया पत्रकार, वीडियोग्राफर पत्रकार और समाचार व्यंगकार चित्रकार आदि हैं। जो किसी दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक, टैबलॉयड समाचार पत्र, पत्रिका समाचार एजेंसी, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, न्यू मीडिया (सामाचार आधारित वेब साइट्स/ वेब पोर्टल) में कार्य कर रहे हों तथा दि वर्किग जर्नलिस्ट एंड अदर न्यूज पेपर इंप्लाई (कंडिसन्स ऑफ सर्विस) एंड मिसलिनियस प्रॉविजन्स एक्ट 1985 से परिभाषित किए गए हों. यह योजना अधिसूचना जारी होने के दिन से प्रभावी होगी।
प्रीमियम राशि का 80 प्रतिशत राज्य सरकार तथा 20 प्रतिशत मीडिया प्रतिनिधि वहन करेंगे
झारखंड राज्य पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना नियमावली -2021 मीडिया प्रतिनिधियों के लिए ग्रुप बीमा के रूप में लागू होगी। बीमा लागू होने की तिथि से बीमाधारक मीडिया प्रतिनिधि सहित उसके पति / पत्नी एवं 21 वर्ष की आयु के दो अविवाहित एवं निर्भर संतान को लाभ मिलेगी। इसमें नियत प्रीमियम राशि का भुगतान राज्य सरकार तथा बीमाधारक मीडिया प्रतिनिधि के द्वारा क्रमशः 80 तथा 20 के अनुपात में किया जाएगा।
पांच लाख रुपए का होगा बीमा :
बीमाधारक मीडिया प्रतिनिधि का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा पांच लाख रुपए का होगा। इसके अतिरिक्त उनके आश्रितों एवं सभी बीमितों को ग्रुप मेडिक्लेम विषयक भी कुल पांच लाख रुपए तक के चिकित्सा खर्च की सुविधा प्रदान की जाएगी। यह बीमा योजना एक वर्ष के लिए मान्य होगा। प्रतिवर्ष नवीनीकरण का भी प्रावधान होगा। वहीं दूसरी ओर योजना के अंतर्गत बीमाधारक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर उसके नाम निर्देशित सदस्य अथवा स्थायी रुप से निःशक्त होने होने पर स्वयं बीमा धारक के दावे का निम्न प्रावधान किया गया। दावा हेतु अवधारित प्रपत्र में सूचना,पुलिस थाने में दर्ज कराई गई। एफआईआर की प्रति, यथा आवश्यक पोस्टमार्टम रिपोर्ट अथवा मेडिकल बोर्ड का प्रमाण पत्र एवं मृत्यु प्रमाण पत्र।
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