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सुप्रीम कोर्ट ने खनन लीज मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दिया

झटका, न्यायाधीश जेके माहेश्वरी और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ

ने अंतरिम राहत देने से किया इनकार …..

रांची डेस्क (ए के मिश्रा) खनन लीज मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके करीबियों के ऊपर दायर जनहित याचिका के सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने हेमंत सोरेन सरकार को दिया बड़ा झटका । शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के अंतरिम आदेश देने की मांग को ठुकरा दी ।

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बता दें कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके करीबियों के खिलाफ शेल कंपनी चलाने और सीएम को खनन लीज आवंटित करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका दायर की गई थी। जिस पर सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई है। प्रार्थी शिवशंकर शर्मा की दोनों याचिकाओं को वैध मानते हुए हाईकोर्ट ने मेरिट पर सुनवाई शुरू की है, जबकि हाईकोर्ट के याचिकाओं के वैध करार दिए जाने के खिलाफ सरकार सुप्रीम कोर्ट चली गई थी,और एसएलपी दायर कर इस पर रोक लगाने की मांग की थी।

जिस पर प्राप्त जानकारी के अनुसार झारखंड सरकार के हाईकोर्ट की सुनवाई पर रोक लगाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट के अवकाशकालीन न्यायाधीश जेके माहेश्वरी और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए कहा कि हाईकोर्ट को फैसला कर लेने दीजिए। मामले की टुकड़े-टुकड़े में सुनवाई नहीं की जा सकती। झारखंड सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी के आग्रह पर शीर्ष कोर्ट ने मामले की सुनवाई ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद उपयुक्त पीठ के समक्ष पेश करने का आदेश दिया।

रोहतगी ने कहा कि मुख्यमंत्री के खिलाफ मामला सोरेन सरकार को अस्थिर करने के लिए राजनीति से प्रेरित है। रोहतगी ने कहा कि हाईकोर्ट रोजाना मामले की सुनवाई कर रही है। उसकी तात्कालिकता को समझना मुश्किल है। वहीं केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वह मामले में तात्कालिकता की व्याख्या करेंगे।

बता दें कि दायर याचिकाएं झारखंड हाईकोर्ट में विचाराधीन है।जिसमें सीएम हेमंत सोरेन और उनके करीबियों पर खनिज पट्टे आवंटन मामले में कथित धांधली और सीएम हेमंत परिवार के सदस्यों और करीबियों के द्वारा फर्जी सेल कंपनियों की लेनदेन की जांच की मांग की गई है।

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