सरायकेला उत्कलीय संगीत परिवेश के पुनरुत्थान को लेकर उत्कलमणि आदर्श पाठागार में हुई बैठक…
सरायकेला Saraikela । सरायकेला उत्कलीय संगीत परिवेश को नये सिरे से प्रारंभ करने के उद्देश्य से कलाप्रेमियों की “उत्कलमणी आदर्श पाठागार” के प्रेक्षागृह में एक बैठक के माध्यम से अद्भुत प्रयास (पाशोरा पसरा)…पाशोरा पसरा का अर्थ है सरायकेला के रचनाकारों के द्वारा जिन कालजयी गीत-संगीत की रचना किया गया था एवं आज के समय में जो पूर्णतः विस्मृत हो गई है उसे पुनःर्जिवित करने के साथ-साथ सरायकेला में एक संगीतमय परिवेश का निर्माण करना। काम ज़रा कठिन है पर असंभव नहीं इसी भाव के साथ इस बैठक में कलाप्रेमियों के द्वारा सप्ताह में एक दिन प्रत्येक रविवार “संगीत के नाम” का प्रण लिया गया। विख्यात संगीत साधक नथू महतो द्वारा कुंअर विजय प्रताप सिंहदेव युग के विशिष्ट गीतकारों की स्मृतिचारण और गायन सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
स्वर्गीय कुंअर विजय प्रताप सिंह देव, कविचंद्र कालीप्रसन्न कवि, स्वर्गीय त्रैलोक्य नाथ दाश, स्वर्गीय शरतचन्द्र आचार्य, स्वर्गीय शंभू नाथ मोदक, स्वर्गीय वरूण कवि जैसे अनेक रचनाकारों की गीतों को सुनने का सभी को एक मौका मिला। विशेष रूप से महान संगीतज्ञ स्वर्गीय त्रैलोक्य नाथ दाश की रचनाओं को नथू महतो द्वारा संगीतबद्ध किया गया प्रस्तुति सभी का मन मोह लिया। नई पीढ़ी को अपनी विरासत को बचाए रखने के लिए नथू महतो के संदेश और आव्हान ने उपस्थित सभी सदस्यों के मन में एक नई आशा का संचार कर दिया। नथू महतो के आशीष से सरायकेला में संगीत की माहौल फिर से बहार लाना प्रारंभ हो कर नई पीढ़ी के प्रतिभाओं को सामने लाने की उद्देश्य निश्चित रूप से सफलता की कदम चूमेगी। नाथू महतो जैसे संगीत साधक का हमारे बीच में होना गर्व की बात है, कहा गया।
सरायकेला के समस्त संगीत के प्रति रूचि रखने वालों को आनेवाले हरेक साप्ताहिक बैठक में शामिल होने की अपील की गई ताकि फिर से संगीत परिवेश को समृद्ध बनाने का एक प्रयास किया जा सके। अंत में नथू महतो को उनकी संगीत के प्रति समर्पित जीवन की महानयात्रा के लिए और स्वस्थ दीर्घायु जीवन के कामना के साथ उत्साही कलाप्रेमियों के द्वारा एक स्मृतिचिह्न भेंट किया गया। इसमें मुख्य रूप से सुशांत महापात्र, जलेश कवि, रजत पटनायक, सुशील आचार्य, सुनील दुबे, रवि कर, भोला महंती, दया शंकर सारंगी, पवन कवि, रजतेंदु रथ, केदार सामल, चक्रधर महंती सहित कई कलाकार तथा श्रोता उपस्थित रहे।
